रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में युवाओं, निर्यात, कौशल विकास और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। सरकार ने अगले पांच साल में 500 करोड़ रुपए की लागत से मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन शुरू करने के साथ ही सरकारी सेवकों के लिए अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष करने का फैसला लिया है।
युवाओं के लिए 500 करोड़ का स्टार्टअप और NIPUN मिशन
कैबिनेट ने प्रदेश में रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी है। इस मिशन के लिए अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र बनाए जाएंगे। इसके अलावा 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने की योजना है। NIPUN JOB Engine के जरिए उद्योगों की जरूरत के मुताबिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर औपचारिक रोजगार से जोड़ने पर जोर रहेगा।
सरकार का फोकस युवाओं को सिर्फ नौकरी तलाशने वालों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्यमी और रोजगार देने वाला बनाने पर है। नई तकनीक, स्टार्टअप और इनोवेशन से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देकर छत्तीसगढ़ को इस क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी है।
छत्तीसगढ़ निर्यात के नए केंद्र के रूप में होगा विकसित
कैबिनेट ने ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को भी मंजूरी दी है। इसका मकसद राज्य से होने वाले निर्यात को बढ़ाना और स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाना है।
नई नीति के तहत निर्यात से जुड़ा इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जाएगा। निर्यातकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ व्यापार से जुड़ी सुविधाओं को आसान बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। कृषि और उद्योग क्षेत्र के ऐसे उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा, जिनमें मूल्य संवर्धन के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर संभावनाएं हैं।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ट्रेड फेयर और प्रदर्शनियों के जरिए प्रदेश के कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
नवा रायपुर में बनेगा NSTI, 4 हजार प्रशिक्षुओं को मिलेगा फायदा
नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना का रास्ता भी साफ हो गया है। इसके लिए ग्राम तेंदुवा में भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को 10 एकड़ जमीन मुफ्त में देने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक और प्रशासनिक सुविधाओं के साथ छात्रावास भी तैयार किए जाएंगे। यहां लंबे अवधि के पाठ्यक्रमों में हर साल 1,000 और अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी।
संस्थान में युवाओं को उद्योगों की जरूरत के हिसाब से तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण मिलेगा। इससे स्किल ट्रेनिंग के साथ इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत, उम्र सीमा 45 साल
कैबिनेट के एक अहम फैसले का सीधा फायदा राज्य शासन और उससे जुड़ी संस्थाओं में काम करने वाले कर्मचारियों को मिलेगा। सरकार ने अन्य शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इसका लाभ स्थायी और अस्थायी शासकीय सेवकों के साथ निगम-मंडल, स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों को मिलेगा। सरकार के मुताबिक, इससे इन कर्मचारियों को दूसरी सरकारी सेवाओं और उच्च पदों के लिए आगे बढ़ने के ज्यादा अवसर मिलेंगे।
इस व्यवस्था को लागू करने के लिए राज्य शासन की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
दुर्ग में नए जिला न्यायालय भवन का रास्ता साफ
दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण के लिए भी कैबिनेट ने जमीन से जुड़ा प्रस्ताव मंजूर किया है। ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज 4 हेक्टेयर जमीन जिला न्यायालय भवन के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों जमीनों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है।
इस फैसले के बाद दुर्ग में आधुनिक सुविधाओं से लैस नए जिला न्यायालय परिसर के निर्माण का रास्ता खुल गया है। इससे जिले में न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करने में मदद मिलेगी।