रायपुर : छत्तीसगढ़ में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने नवा रायपुर में विभागीय कामकाज की समीक्षा करते हुए को-ऑपरेटिव बैंकों में लंबे समय से रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता व्यवस्था को पारदर्शी, डिजिटल और किसान हितैषी बनाने पर सरकार का विशेष फोकस है।

बैठक में मंत्री ने प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के जरिए किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटलाइजेशन और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के विस्तार से किसानों का सहकारी संस्थाओं पर भरोसा और मजबूत होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में कॉमन सर्विस सेंटर का विस्तार और माइक्रो एटीएम की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसानों और ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं के लिए दूर न जाना पड़े।

16 लाख से ज्यादा किसानों को 7,973 करोड़ का कृषि ऋण

समीक्षा के दौरान बताया गया कि खरीफ सीजन 2026 के लिए सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को 8,800 करोड़ रुपये का कृषि ऋण बांटने का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले अब तक 16 लाख से अधिक किसानों को 7,973 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है, जो लक्ष्य का करीब 90 प्रतिशत है। मंत्री ने अधिकारियों को शेष लक्ष्य को जल्द पूरा करते हुए शत-प्रतिशत कृषि ऋण वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मंत्री कश्यप ने पैक्स के शत-प्रतिशत कंप्यूटरीकरण और ऑडिट प्रक्रिया में भी तेजी लाने को कहा। उनका कहना था कि डिजिटल व्यवस्था और नियमित ऑडिट से वित्तीय कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही किसानों को समय पर खाद, बीज और ऋण उपलब्ध कराने तथा अल्पकालीन कृषि ऋणों पर ब्याज अनुदान से जुड़ी प्रक्रिया को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

725 में से 718 गोदामों का निर्माण पूरा

बैठक में ग्रामीण भंडारण व्यवस्था की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि आरआईडीएफ के तहत स्वीकृत 725 गोदामों में से 718 का निर्माण पूरा हो चुका है। मंत्री ने शेष 7 गोदामों का निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा 100 सोसायटियों में गोदाम निर्माण और विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। नवगठित 515 पैक्स के सुचारू संचालन को लेकर भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।

सहकारिता विभाग की योजनाओं को लेकर जवाबदेही तय करते हुए मंत्री ने सीएम हेल्पलाइन के मामलों का जल्द निराकरण, न्यायालयीन मामलों में समय पर जवाबदावा और कार्यालयों में ई-ऑफिस व आधार आधारित उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। धान उपार्जन केंद्रों पर बचे धान के पारदर्शी और जल्द निपटारे के निर्देश भी दिए गए। बैठक के दौरान मंत्री ने ‘सहकारी सप्ताह 2026’ के तहत 29 जून से 6 जुलाई तक आयोजित कार्यक्रमों पर आधारित कॉफी-टेबल बुकलेट का विमोचन भी किया।

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