रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नगरीय क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों को समय पर पूरा करने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्रालय में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि शहरों का विकास केवल सड़क और भवन बनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। लोगों को समय पर साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क, स्ट्रीट लाइट और सुगम सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाएं मिलना जरूरी है।
बैठक में अमृत मिशन 2.0 की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने लंबित कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने और शहरी क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण में आधुनिक तकनीक और गुणवत्ता का ध्यान रखने के साथ स्लम रिडेवलपमेंट और लैंड मोनेटाइजेशन पर भी तेजी से काम करने को कहा गया।
शहरों में युवाओं के लिए तैयार किए जा रहे नालंदा परिसरों की भी समीक्षा हुई। प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 31 का निर्माण फिलहाल जारी है। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परिसरों का काम जल्द पूरा करने को कहा। वहीं नगरोत्थान योजना के तहत सड़कों के चौड़ीकरण, बाईपास, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और अंडरपास जैसे कार्यों को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से विकसित करने पर जोर दिया गया। 2026-27 के बजट में ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
सार्वजनिक परिवहन को लेकर भी बैठक में बड़ा अपडेट सामने आया। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसें चलाने की तैयारी है। इसके लिए जरूरी अधोसंरचना मार्च 2027 से पहले तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-बस सेवा से शहरों में लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ पर्यावरण-अनुकूल पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने हर नगरीय निकाय में ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रसंस्करण की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। बैठक में रायपुर के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देश में छठे स्थान पर रहने की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए टीम को बधाई देते हुए शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने और कम पेड़ वाले इलाकों की पहचान कर बड़े स्तर पर पौधरोपण करने को कहा।
शहरी विकास के साथ रोजगार और पर्यावरण को जोड़ने की दिशा में 800 करोड़ रुपये की लागत से 8 नगरीय निकायों में CBG प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत स्वीकृत मकानों के आवंटन और व्यवस्थापन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान, नगरीय निकायों की राजस्व वसूली बढ़ाने और बिजली बिलों का नियमित भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। साफ संकेत है कि सरकार अब शहरों में चल रहे कामों की गति के साथ उनके जमीनी असर पर भी फोकस कर रही है।