रायपुर, स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रहे विद्यार्थियों के बीच सोमवार को शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव अचानक पहुंचे। दुर्ग जिले के ग्राम फेकारी में सेवा सेतु शिविर में शामिल होने के बाद सेलूद चौक पर उन्होंने हाईस्कूल के विद्यार्थियों से सहज संवाद किया। मंत्री को अपने बीच पाकर बच्चों में उत्साह नजर आया और उन्होंने पढ़ाई, स्कूल की गतिविधियों और अपनी जरूरतों को लेकर खुलकर बातचीत की।
बच्चों से चर्चा के दौरान गजेन्द्र यादव ने उनकी पढ़ाई, तिमाही परीक्षा की तैयारी, खेलकूद और स्कूल की अन्य गतिविधियों की जानकारी ली। विद्यार्थियों ने स्कूल परिसर में प्रार्थना शेड और मंच की आवश्यकता बताई। उनकी मांग पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना शेड और मंच निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय, सेलूद की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा मंत्री ने स्कूल परिसर में साइकिल स्टैंड, बाउंड्रीवाल और वॉलीबॉल ग्राउंड के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेल और अन्य गतिविधियों के लिए भी बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए।
गजेन्द्र यादव ने विद्यार्थियों से कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीक का है। इसलिए नियमित पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान में भी दक्ष होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में विभिन्न संस्थाओं और कंपनियों के सहयोग से विद्यार्थियों को एआई जैसी आधुनिक तकनीकों के लिए तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इंग्लिश लर्निंग कोर्स शुरू करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
इसके बाद शिक्षा मंत्री स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय, सेलूद पहुंचे और विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्राचार्य और शिक्षकों से शैक्षणिक व्यवस्था, उपलब्ध सुविधाओं तथा विद्यार्थियों की जरूरतों की जानकारी ली। प्राचार्य ने बताया कि विद्यालय में शौचालय निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण, खेल सुविधाएं और आवश्यक आधारभूत संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। स्कूलों की जरूरतों को स्थानीय स्तर पर समझकर सुविधाओं का विस्तार करने से विद्यार्थियों को पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास के लिए बेहतर माहौल मिल सकेगा।