रायपुर, छत्तीसगढ़ में शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विकास कार्यों को गति देने के लिए मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव ने सीएम हेल्पलाइन 1076 में दर्ज आम जनता की शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ हल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों के निराकरण के बाद इसकी जानकारी सुशासन एवं अभिसरण विभाग को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
15 नवंबर से पहले पूरी होगी फसलों की गिरदावरी
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में सभी फसलों की गिरदावरी का कार्य 15 नवंबर से पहले पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि गिरदावरी से संबंधित जानकारी प्रत्येक ग्राम की ग्राम सभा में उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी किसान के खेत की गिरदावरी छूट जाती है, तो संबंधित किसान ग्राम सभा में आवेदन देकर उसे तत्काल पूरा करवा सकते हैं। इससे किसानों को अपनी फसल संबंधी जानकारी दर्ज कराने में सुविधा मिलेगी।
अधूरे निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूरा करने पर जोर
मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग को शासकीय भवनों, सड़कों और पुल-पुलियों के अधूरे निर्माण कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को नल-जल योजनाओं और जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिम जाति विकास तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को भी स्वीकृत निर्माण कार्य शीघ्र पूरे करने के निर्देश दिए गए। नगरीय प्रशासन एवं परिवहन विभाग को शहरी क्षेत्रों में बेहतर आवागमन के लिए सुव्यवस्थित परिवहन कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 की भी हुई समीक्षा
बैठक में पारस पोर्टल के अंतर्गत शामिल प्रमुख विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं के साथ जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 योजना के कार्यों में बिना देरी प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होने वाली भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को रिक्त पदों की आवश्यकताएं और भर्ती प्रस्ताव जल्द भेजने को कहा, ताकि भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।
बैठक के दौरान संस्कृति विभाग के अधिकारियों से राज्योत्सव की तैयारियों की भी विस्तृत जानकारी ली गई। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, वित्त एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।