दो दिनों में 13 हजार से अधिक युवाओं ने लिया हिस्सा, मुख्यमंत्री साय ने करीब 1100 चयनित युवाओं को सौंपे ऑफर लेटर
रायपुर, छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। राजधानी रायपुर में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेले में 13 हजार से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया, जबकि विभिन्न कंपनियों की चयन प्रक्रिया के बाद 5 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों का अंतिम चयन हुआ। समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने करीब 1100 चयनित युवाओं को ऑफर लेटर सौंपे।
मुख्यमंत्री ने चयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर कौशल प्रशिक्षण और उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर अपने ही राज्य में मिलें और वे अपने कौशल के दम पर आत्मनिर्भर बनें।
ढाई साल में 925 रोजगार मेले, 25 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेशभर में 925 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है। इनके माध्यम से 25 हजार 845 से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल और उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण आज के समय की आवश्यकता है। सरकार युवाओं को शिक्षा से कौशल और कौशल से रोजगार तक जोड़ने पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, एम्स और विधि विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों के साथ ‘प्रयास’ जैसी व्यवस्थाओं के जरिए युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। शैक्षणिक और तकनीकी संस्थानों को भी उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।
95 से ज्यादा नियोक्ता संस्थानों ने लिया हिस्सा
राज्य स्तरीय रोजगार मेले में 95 से अधिक पंजीकृत नियोक्ता संस्थानों और अन्य कंपनियों ने हिस्सा लिया। आयोजन स्थल पर करीब 50 स्टॉल लगाए गए, जहां युवाओं के दस्तावेजों का सत्यापन, इंटरव्यू और चयन की प्रक्रिया हुई।
आईटीआई, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग, स्नातक और विभिन्न व्यावसायिक योग्यताओं वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। रोजगार विभाग के साथ आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज और छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण की भी आयोजन में भागीदारी रही।
ई-रोजगार पोर्टल बनेगा ‘स्किल मार्केट’
रोजगार मेले में पंजीयन से लेकर आवेदन और चयन तक की प्रक्रिया ई-रोजगार पोर्टल के जरिए ऑनलाइन संचालित की गई। अब सरकार इस पोर्टल को ‘स्किल मार्केट’ के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है।
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उद्योगों की जरूरत, रिक्त पद और युवाओं की शैक्षणिक योग्यता व कौशल की जानकारी को एक साथ जोड़ा जाएगा। इससे युवाओं को अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी तलाशने में मदद मिलेगी, वहीं कंपनियों को जरूरत के मुताबिक कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने में आसानी होगी।
जिन्हें इस बार मौका नहीं मिला, उनके लिए भी खुलेंगे अवसर
मुख्यमंत्री ने रोजगार मेले में शामिल उन युवाओं का भी उत्साह बढ़ाया, जिनका इस बार चयन नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि युवाओं को निराश होने की जरूरत नहीं है। सरकार रोजगार मेलों, कौशल विकास कार्यक्रमों और उद्योगों के साथ समन्वय के जरिए आगे भी रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराती रहेगी।
तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उनके हुनर को रोजगार और आजीविका के वास्तविक अवसरों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है।
पॉलिटेक्निक कॉलेजों की गुणवत्ता पर भी रिपोर्ट जारी
कार्यक्रम में पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में शिक्षा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की थर्ड पार्टी मूल्यांकन रिपोर्ट का विमोचन किया गया। रिपोर्ट में संस्थानों के शैक्षणिक स्तर, प्रशिक्षण व्यवस्था, अधोसंरचना और गुणवत्ता सुधार की संभावनाओं का आकलन किया गया है।
रिपोर्ट में दिए गए सुझावों के आधार पर पॉलिटेक्निक संस्थानों के समग्र विकास और प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इसका उद्देश्य तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ना और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के साथ-साथ महिलाओं, किसानों, श्रमिकों और गरीब वर्गों को सशक्त बनाने के लिए योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। रोजगार मेले को भी उन्होंने युवाओं को सीधे अवसरों से जोड़ने वाली पहल बताया।