नगरनार में करीब 40 और तोकापाल में 25 परिवारों का रेस्क्यू; कलेक्टर-SP ने प्रभावित इलाकों का लिया जायजा
रायपुर, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से बस्तर संभाग में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में पानी भरने से कई जगह आवागमन प्रभावित हुआ है। बस्तर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू और राहत कार्य में जुटी हैं।
नगरनार के नदी बोड़ना इलाके में बाढ़ के पानी में फंसे करीब 40 लोगों को नाव की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इन्हें ग्राम पंचायत भवन में बनाए गए अस्थायी राहत शिविर में पहुंचाया गया। वहीं तोकापाल के घाट धनोरा से 25 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है। पलवा और लोहंडीगुड़ा के भेजा क्षेत्र के निचले इलाकों में पानी भरने के बाद प्रभावित परिवारों को भी सुरक्षित स्थानों और पंचायत भवनों में पहुंचाया गया।
9 राहत शिविरों में 350 से ज्यादा लोग
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में 9 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां अब तक 350 से अधिक लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है। जगदलपुर शहर में चार राहत शिविरों में 175 लोग रह रहे हैं। शहीद भगत सिंह स्कूल में ही 100 से ज्यादा प्रभावितों के रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा नदी बोड़ना राहत शिविर में करीब 40, भैंसगांव में 77, बेलगांव में 35 और ग्राम पंचायत भेजा में 26 लोगों को रखा गया है। शिविरों में भोजन, पेयजल, ठहरने और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की गई है।
कलेक्टर-SP ने मौके पर पहुंचकर देखे हालात
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने प्रभावित और संवेदनशील इलाकों का दौरा किया। अधिकारियों ने गंगामुंडा पारा, महादेव घाट, खड़कघाट, मेडिकल कॉलेज अस्पताल डिमरापाल के आसपास के क्षेत्र और नगरनार-भेजापदर मार्ग पर नदी बोड़ना समेत कई जगहों का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मैदानी अमले को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
इंद्रावती का जलस्तर बढ़ा, निचले इलाकों में अलर्ट
लगातार बारिश के चलते इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। ओडिशा में इंद्रावती नदी पर बने खातीगुड़ा बांध के तीन और मुरान बांध के दो गेट खोले गए हैं, जिससे निचले और नदी किनारे के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मन्धोता, बेलगांव समेत पानी से घिरे इलाकों में बचाव दल नाव और जरूरी उपकरणों के साथ तैनात हैं।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि उफनते नदी-नालों और जलमग्न पुल-पुलियों को पार करने की कोशिश न करें। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों या बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सूचना देने को कहा है।