रायपुर, रामनामी समुदाय की अनूठी परंपरा और सांस्कृतिक पहचान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘राम-नामी’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान मिलने पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने हर्ष जताया है। उन्होंने फिल्म के निर्देशक भरतबाला गणपति सहित निर्माता और पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘राम-नामी’ को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। यह सम्मान प्रदेश की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों और आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान है।
उन्होंने कहा कि रामनामी समुदाय की परंपरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता का विशिष्ट उदाहरण है। फिल्म ने इस अनूठी सांस्कृतिक परंपरा को प्रभावी और संवेदनशील सिनेमाई प्रस्तुति के माध्यम से देश के व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने का काम किया है।
संस्कृति मंत्री ने फिल्म के निर्देशक और पूरी टीम के रचनात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मान कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों, निर्माता और फिल्म से जुड़े सभी सहयोगियों की मेहनत का परिणाम है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 की फिल्मों के लिए घोषित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ‘राम-नामी’ को हिंदी भाषा की सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के रूप में चुना गया है। फिल्म के निर्माता बीबीपी स्टूडियो वर्चुअल भारत प्राइवेट लिमिटेड और निर्देशक भरतबाला गणपति हैं।