‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ अभियान से बढ़ाई जा रही समुदाय की भागीदारी
रायपुर, राज्य में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत बच्चों के पोषण, स्वच्छता और स्वस्थ विकास को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण अभियान और यूनिसेफ के सहयोग से प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को गर्म, ताजा, पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया जा रहा है।
अभियान के तहत ‘बच्चों की थाली, हम सबकी जिम्मेदारी’ और ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ जैसे संदेशों के माध्यम से अभिभावकों और ग्रामीणों को बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। लोगों को भोजन की साफ-सफाई, स्वाद, गुणवत्ता और बच्चों को भोजन परोसने के तरीके के संबंध में जानकारी दी जा रही है।
गांव-गांव पहुंच रहा सुपोषण रथ
12 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह रथ गांव-गांव पहुंचकर माताओं, परिवारों और समुदाय को संतुलित आहार, स्वच्छता और बच्चों के शुरुआती विकास के प्रति जागरूक कर रहा है।
स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों पर जोर
पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में स्थानीय और मौसमी सब्जियों, दाल तथा मिलेट जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल किया जा रहा है। बच्चों द्वारा भोजन कम ग्रहण किए जाने की स्थिति में माताओं से चर्चा कर भोजन के स्वाद और परोसने के तरीके में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही रसोई की स्वच्छता और भोजन परोसते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बच्चों का नियमित वजन और विकास की निगरानी भी की जा रही है, ताकि पोषण स्तर में होने वाले बदलावों की समय पर पहचान की जा सके।
8 अक्टूबर तक होंगी विभिन्न गतिविधियां
9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चल रहे राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में रंग-बिरंगी थाली प्रदर्शन, पोषण मेले, माता-पिता की बैठकें, स्वच्छता अभियान और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
विभाग का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों से अभिभावकों, पंचायतों, आंगनबाड़ी प्रबंधन समितियों और स्थानीय समुदाय को जोड़कर बच्चों के पोषण और बेहतर विकास को सामूहिक जिम्मेदारी बनाना है।