रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने ओडिशा प्रवास के दौरान भुवनेश्वर स्थित प्रसिद्ध एवं प्राचीन भगवान लिंगराज मंदिर पहुंचकर सपत्नीक दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर के गर्भगृह में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ प्रदेश की निरंतर प्रगति, सुख-समृद्धि, खुशहाली और सभी नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है मन: मुख्यमंत्री भगवान लिंगराज के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस पावन भूमि पर आकर असीम शांति और अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है। मंदिर परिसर का वातावरण दिव्यता से परिपूर्ण है। उन्होंने भगवान लिंगराज से प्रार्थना की कि छत्तीसगढ़ का हर परिवार खुशहाल रहे और राज्य विकास के नए आयाम स्थापित करे।
सनातन संस्कृति और वास्तुकला का जीवंत प्रतीक मंदिर की भव्यता और वास्तुकला की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्राचीन मंदिर केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि यह भारत की हजारों साल पुरानी सभ्यता, समृद्ध विरासत और उत्कृष्ट शिल्प परंपरा के जीवंत प्रमाण हैं। लिंगराज मंदिर की स्थापत्य कला हमारी सनातन संस्कृति की गहराई को दर्शाती है।
छत्तीसगढ़ और ओडिशा के अटूट सांस्कृतिक संबंध मुख्यमंत्री ने दोनों राज्यों के संबंधों पर बात करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा न केवल भौगोलिक रूप से पड़ोसी हैं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी आपस में गहरे जुड़े हुए हैं। दोनों राज्यों की लोक परंपराओं और जन-आस्था में अद्भुत समानता देखने को मिलती है। इस तरह की यात्राएं हमारी साझा सांस्कृतिक चेतना और आत्मीय संबंधों को और अधिक मजबूत बनाती हैं।