रायपुर : छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद के लंबे दौर से निकलकर शांति, विश्वास और विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कभी नक्सली हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर में अब सुरक्षा के साथ विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सुविधाएं दूरस्थ इलाकों तक पहुंच रही हैं और इसका असर जमीन पर दिखाई देने लगा है।

मुख्यमंत्री साय सोमवार को रायपुर में टाइम्स नाउ नवभारत डॉट कॉम के ‘विकसित भारत-समृद्ध छत्तीसगढ़ : विकास का नया अध्याय’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के विकास के रोडमैप से लेकर बस्तर में बदलते हालात और सरकार की योजनाओं के बारे में विस्तार से बात की।

सुरक्षा के साथ विकास पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद छत्तीसगढ़, खासकर बस्तर के विकास में बड़ी बाधा रहा। सरकार बनने के बाद केंद्र और राज्य सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर नक्सलवाद के खिलाफ रणनीति को मजबूत किया। पड़ोसी राज्यों के साथ बेहतर तालमेल और संयुक्त अभियानों से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है।

साय के मुताबिक, सरकार ने सिर्फ सुरक्षा अभियान तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास योजनाएं तेजी से पहुंचें। उनका कहना है कि स्थायी शांति के लिए गांवों तक सड़क, स्कूल, अस्पताल और दूसरी जरूरी सुविधाओं का पहुंचना बेहद जरूरी है।

‘नियद नेल्लानार’ से गांवों में पहुंच रही सुविधाएं

बस्तर के दूरस्थ इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार ने ‘नियद नेल्लानार’ योजना शुरू की। इसके तहत संवेदनशील और दूरदराज के गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

सरकार के मुताबिक, इस पहल के तहत 421 से ज्यादा स्कूल खोले गए हैं। योजना को और व्यापक बनाने के लिए ‘नियद नेल्लानार 2.0’ भी शुरू किया गया है।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सरकार ने बस्तर पर विशेष फोकस किया है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत करीब 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जबकि लगभग 40 हजार लोगों का उपचार किया गया है।

बस्तर में रोजगार और पर्यटन के नए मौके

बस्तर में हालात बदलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए रास्ते भी खुल रहे हैं। पशुपालन, बकरी पालन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ सरकार पर्यटन को भी स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने की कोशिश कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती और आदिवासी संस्कृति अब देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। बस्तर के धुड़मारास गांव को दुनिया के श्रेष्ठ पर्यटन गांवों में जगह मिलना इस बदलाव का उदाहरण है। होम-स्टे के जरिए पर्यटक स्थानीय संस्कृति और जीवनशैली को करीब से देख रहे हैं, वहीं ग्रामीणों के लिए आय के नए साधन तैयार हो रहे हैं।

सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे संचालकों को ऋण और अनुदान की सुविधा भी दे रही है। साथ ही, नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को शामिल कर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

हिंसा छोड़ने वालों के लिए पुनर्वास नीति

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद से निपटने की रणनीति में आत्मसमर्पण और पुनर्वास को भी अहम स्थान दिया गया है। हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों के लिए बेहतर पुनर्वास नीति लागू की गई है, ताकि वे सम्मान के साथ सामान्य जीवन शुरू कर सकें।

साय के मुताबिक, सुरक्षा अभियान के साथ संवाद और पुनर्वास की नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का विकल्प चुना है।

युवाओं की पढ़ाई और रोजगार पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए सरकार शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में लगातार नई पहल कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य बनने के समय छत्तीसगढ़ में सिर्फ एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि अब 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रदेश में 34 नालंदा परिसरों का निर्माण किया जा रहा है। वहीं दिल्ली में यूथ हॉस्टल के जरिए यूपीएससी की तैयारी करने वाले युवाओं को भी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के बाद छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर माहौल बदला है। सरकार को अब तक करीब 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सरकार का फोकस सिर्फ निवेश लाने पर नहीं, बल्कि इससे प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने पर है।

साय ने कहा कि ऐसे उद्यमों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है, जो बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएंगे।

2047 तक विकसित भारत में विकसित छत्तीसगढ़ की भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्राकृतिक संसाधनों, वन संपदा, खनिज और मेहनतकश मानव शक्ति को राज्य की बड़ी ताकत बताते हुए उन्होंने कहा कि इन संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश के विकास में बड़ा योगदान देगा।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की बाधा कम होने के साथ बस्तर समेत पूरे प्रदेश में विकास की गति तेज हुई है। सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो और ‘विकसित भारत’ के साथ ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का सपना भी साकार हो।

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