रायपुर : छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की दिशा में सोमवार, 31 अगस्त को नवा रायपुर में बड़ा रोड शो आयोजित किया जाएगा। भारत सरकार के खान मंत्रालय की ओर से क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की 8वीं किश्त को लेकर यह आयोजन मेफेयर लेक रिजॉर्ट में होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे।
रोड शो में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, सीएमडीसी के अध्यक्ष सौरभ सिंह, केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, खनन विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यक्रम में खनिज ब्लॉक्स की नीलामी और निवेश से जुड़े अवसरों पर चर्चा के साथ छत्तीसगढ़ के खनन क्षेत्र की नई पहलों को भी सामने रखा जाएगा।
20 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक्स नीलामी के लिए तैयार
भारत सरकार ने क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की 8वीं किश्त में 20 खनिज ब्लॉक्स नीलामी के लिए रखे हैं। इनमें 3 माइनिंग लीज और 17 कंपोजिट लाइसेंस ब्लॉक्स शामिल हैं।
इन ब्लॉक्स में ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, रेयर मेटल्स, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम और टंगस्टन जैसे महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। इनका उपयोग ऊर्जा, आधुनिक तकनीक, उद्योग और रणनीतिक क्षेत्रों में होता है। ऐसे में इन खनिजों का घरेलू स्तर पर उत्पादन बढ़ाना देश की रणनीतिक जरूरतों से भी जुड़ा हुआ है।
टिन पोर्टल और ई-रेत सांगवारी की होगी शुरुआत
रोड शो के दौरान छत्तीसगढ़ के खनिज क्षेत्र को डिजिटल और ज्यादा पारदर्शी बनाने से जुड़ी दो महत्वपूर्ण पहल भी शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय टिन पोर्टल और ई-रेत सांगवारी पोर्टल का शुभारंभ करेंगे।
इसके अलावा सीएमडीसी और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच एमओयू का आदान-प्रदान होगा। कोरन्डम कटिंग एवं पॉलिशिंग के प्रशिक्षण के लिए पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के साथ भी समझौता किया जाएगा। कार्यक्रम में माइनर मिनरल्स पर आधारित पुस्तक का विमोचन और तीन लाइमस्टोन माइनिंग लीज ब्लॉक्स के लिए एनआईटी जारी करने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है।
निवेशकों को नीलामी प्रक्रिया की मिलेगी जानकारी
दोपहर बाद तकनीकी सत्र में खनिज ब्लॉक्स की नीलामी, निवेश और अन्वेषण से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। प्रस्तावित ब्लॉक्स, मिनरल ऑक्शन प्रोसेस, टेंडर डॉक्यूमेंट और ई-ऑक्शन प्रक्रिया को लेकर संबंधित संस्थाओं की ओर से प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
कंपोजिट लाइसेंस धारकों के लिए अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति से जुड़ी एनएमईडीटी योजना की जानकारी भी दी जाएगी। इसके बाद ओपन हाउस में उद्योग प्रतिनिधि, निवेशक और विशेषज्ञ नीलामी प्रक्रिया और निवेश की संभावनाओं पर सीधे चर्चा करेंगे।
पहले नीलाम हो चुके ब्लॉक्स की प्रगति भी जांची जाएगी
रोड शो के बाद पहले नीलाम किए जा चुके प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के ऑपरेशनलाइजेशन की समीक्षा भी होगी। इसमें खनन परियोजनाओं को जमीन पर शुरू करने की स्थिति, प्रगति और जरूरी समन्वय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद माइन विजिट भी प्रस्तावित है।
सरकार का फोकस महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण और खनन को गति देने के साथ निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार करने पर है। रोड शो में केंद्र और राज्य सरकार के साथ उद्योग जगत की भागीदारी को इसी दिशा में अहम माना जा रहा है।