रायपुर : राष्ट्रीय खेल दिवस पर रायपुर में आयोजित राज्य खेल अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीन वर्षों के लिए 126 उत्कृष्ट खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को राज्य खेल अलंकरण प्रदान किए। वहीं 540 अन्य खिलाड़ियों को भी नगद प्रोत्साहन राशि दी गई। इस तरह कुल 666 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को 1 करोड़ 74 लाख 19 हजार रुपये से अधिक की पुरस्कार और प्रोत्साहन राशि मिली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें सही समय पर पहचानने, बेहतर प्रशिक्षण देने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देने की है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि संसाधनों की कमी किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के रास्ते में बाधा न बने।
156 खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता
समारोह में मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करने वाले 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची जारी की गई है। इससे इन खिलाड़ियों के लिए शासकीय सेवा में नियुक्ति का रास्ता खुल गया है। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं में खेल को करियर के तौर पर चुनने का भरोसा और मजबूत होगा।
बस्तर ओलंपिक में बढ़ी युवाओं की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने बस्तर और जनजातीय क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं का भी जिक्र किया। बस्तर ओलंपिक के पहले आयोजन में 1 लाख 65 हजार युवाओं ने हिस्सा लिया था, जबकि दूसरे वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर 3 लाख 91 हजार हो गया। सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के जरिए भी स्थानीय खिलाड़ियों को बड़े मंच और प्रतिस्पर्धी माहौल का अवसर दिया जा रहा है।
खेलों के लिए 100 करोड़ का मिशन
छत्तीसगढ़ में खेलों को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। सरकार का फोकस केवल प्रतियोगिताएं आयोजित करने पर नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की पहचान से लेकर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर खेल अधोसंरचना तैयार करने पर है।
प्रदेश में कुनकुरी, रायगढ़ और रायपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा रहे हैं। नवा रायपुर में करीब 67 करोड़ रुपये की लागत से तीरंदाजी अकादमी और पंडरापाट में लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से तीरंदाजी अकादमी विकसित की जा रही है।
समारोह में उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल और विजय बघेल सहित जनप्रतिनिधि, खेल संघों के पदाधिकारी, खिलाड़ी और प्रशिक्षक मौजूद रहे।