रायपुर : छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय पर्यटन बाजार में नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित फैम टूर में देशभर से आए पर्यटन प्रतिनिधियों ने बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती और जनजातीय संस्कृति का करीब से अनुभव किया। 10 से 14 अगस्त तक आयोजित इस पांच दिवसीय भ्रमण में कुल 48 पर्यटन प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 30 प्रतिनिधियों ने दक्षिण छत्तीसगढ़ यानी बस्तर क्षेत्र का भ्रमण किया।

बस्तर भ्रमण की शुरुआत प्रतिनिधियों ने केशकाल घाटी से की। घने जंगल, पहाड़ी रास्ते और चारों ओर फैली हरियाली ने प्रतिनिधियों को पहली ही नजर में आकर्षित किया। इसके बाद विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात पहुंचे प्रतिनिधियों ने इंद्रावती नदी की विशाल जलधारा और आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य को देखा। चित्रकोट की भव्यता को उन्होंने अविस्मरणीय अनुभव बताते हुए छत्तीसगढ़ को पर्यटन की अपार संभावनाओं वाला प्रदेश बताया।

प्रतिनिधियों ने कहा कि चित्रकोट जलप्रपात की खूबसूरती अलग-अलग समय में अलग रंग और रूप में नजर आती है। सूर्य की रोशनी में पानी की चमक और सफेद झाग जलप्रपात के दृश्य को और आकर्षक बना देते हैं। प्रतिनिधियों ने यहां के मनोहारी दृश्यों को कैमरे में कैद किया और बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता की जमकर सराहना की।

प्राकृतिक स्थलों के साथ प्रतिनिधियों को बस्तर की जीवंत जनजातीय संस्कृति से भी रूबरू कराया गया। पारंपरिक गेड़ी और परब नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उन्हें स्थानीय लोककला, संगीत, वेशभूषा और परंपराओं से परिचित कराया। प्रतिनिधियों ने महसूस किया कि बस्तर की पहचान केवल जंगलों और जलप्रपातों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की समृद्ध संस्कृति भी पर्यटन की बड़ी ताकत है।

फैम टूर का सबसे रोमांचक पड़ाव धुड़मारास रहा, जहां प्रतिनिधियों ने कांगेर नदी और घने जंगलों के बीच बसे गांव में प्रकृति और जनजातीय जीवन का अनूठा अनुभव लिया। जनजातीय होम-स्टे में ठहरने, स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेने और ग्रामीण जीवन को करीब से समझने के साथ प्रतिनिधियों ने बांस की नाव से जल भ्रमण, नौकायन, जंगल भ्रमण और ग्राम भ्रमण का आनंद लिया।

धुड़मारास के स्थानीय हाट बाजार ने भी प्रतिनिधियों को आकर्षित किया। यहां उन्होंने वन उपज, बांस से बने उत्पाद, हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्तुओं को देखा। प्रतिनिधियों ने कहा कि समुदाय आधारित पर्यटन स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के अवसर देने के साथ-साथ पारंपरिक कला और संस्कृति के संरक्षण में भी मददगार हो सकता है।

14 अगस्त को आयोजित समापन समारोह में पर्यटन प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, प्रबंध संचालक विवेक आचार्य सहित पर्यटन मंडल के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रकृति, जनजातीय संस्कृति, रोमांच और आत्मीय आतिथ्य का संगम छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में शामिल करने की क्षमता रखता है। फैम टूर के जरिए चित्रकोट, बस्तर और धुड़मारास जैसे पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय पर्यटन बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है।

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