महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस विभाग के संयुक्त प्रयास से नाबालिग कन्या का विवाह से रोका गया। बाल विवाह संबंधी सूचना प्राप्त होते ही कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशानुसार जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अनिता अग्रवाल एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल के नेतृत्व एवं पुलिस विभाग के सहयोग से 03 फरवरी 2025 को ग्राम बनारी में बालक के घर जाकर उसके अंकसूची की जांच की, जहां बालक की उम्र 17 वर्ष 03 माह 23 होना पाया गया। बालक का विवाह 03 फरवरी 2025 को ही निर्धारित था। विवाह की पुरी तैयारी हो चुकी थी बारात निकलने के पूर्व ही विभाग के अधिकारी कर्मचारीयों द्वारा बालिकों एवं उनके माता-पिता एवं स्थानीय लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया एवं समझाईश के पश्चात स्थानीय लोगों की उपस्थिति में बालिका के माता-पिता की सहमति से बालकांे के विवाह को रोका गया।

इसी प्रकार 04 फरवरी 2025 को ग्राम मुनुन्द में जांच के दौरान बालक का उम्र 18 वर्ष 04 माह होना पाया गया। जिसका विवाह 05 फरवरी 2025 को निर्धारित था। र्ग्राम भवतरा में 05 बच्चों का बाल विवाह की सूचना पर अंकसूची के आधार पर कोई भी बालक, बालिका की आयु विवाह योग्य नही पाया गया 01 घर मे 02 बालिका दोनों बहने एवं एक परिवार में 02 बालक दोनो भाई का बाल विवाह एवं 01 बालक प्रेम प्रंसग के मामला होने के कारण अमोरा की नाबालिक बालिका को अपने घर ले आया था। जिनका मंडप कार्यक्रम उनके निवास स्थान पर पहुचने के दौरान चल रहा था बालिका को समझाइस देकर उसके माता पिता के साथ घर भेजा गया। विभाग के अधिकारी कर्मचारीयों द्वारा बालक बालिकों एवं उनके माता-पिता एवं स्थानीय लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया एवं समझाईश के पश्चात स्थानीय लोगों की उपस्थिति में बालिका के माता-पिता की सहमति से 02 दिनों में 07 बच्चों का बाल विवाह रोका गया एवं लड़कियों के लिए निर्धारित 18 वर्ष तथा लड़कों के लिए निर्धारित 21 वर्ष के पूर्व विवाह न करने संबंधी घोषणा पत्र व राजीनामा पत्र में गवाहों के समक्ष हस्ताक्षर कराया गया।

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