पूरी दुनिया को विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम और पर्सनल कंप्यूटर्स देने वाली कंपनी माइक्रोसॉफ्ट अब छत्तीसगढ़ के टेक्नोक्रेट्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ क्लाउट कंप्यूटिंग की नई टेक्नोलॉजी सिखाएगी।

मंगलवार को भिलाई के रूंगटा आर-1 इंजीनियरिंग कॉलेज में माइक्रोसॉफ्ट ने अपने सर्टिफिकेशन सेंटर की स्थापना कर दी है। आने वाले कुछ महीनों में माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से लर्न इमेजिन कप परीक्षा कराई जाएगी, जिसमें छत्तीसगढ़ के होनहार टेक्नोक्रेट्स भी हिस्सा लेंगे। परीक्षा के विजेता छात्रों को माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला से मिलने का मौका मिलेगा।

इससे पहले कंपनी की तरफ से एआई, मशील लर्निंग, डाटा साइंस जैसी सभी फील्ड के एक्सपर्ट इस सेंटर में आकर कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थियों के विशेष सेशन लेंगे। अमरीका से लेकर दुनिया के हर कोने में स्थापित माइक्रोसॉफ्ट के सॉफ्टवेयर डेवलपर्स छत्तीसगढ़ आएंगे। खास बात यह है कि, माइक्रोसॉफ्ट छत्तीसगढ़ के कंप्यूटर साइंस विद्यार्थियों को इमेजिन कप परीक्षा की फीस में भारी भरकम छूट देगा।

माइक्रोसॉफ्ट सर्टिफिकेशन सेंटर की शुरुआत

रूंगटा कॉलेज में माइक्रोसॉफ्ट सर्टिफिकेशन सेंटर के उद्घाटन सत्र में कंपनी के नोएडा स्थित माइक्रोसॉफ्ट इंडिया कार्यालय से सीनियर कंसलटेंट राजेश पंचाल और साकेत कुमार शामिल हुए। उन्होंने कॉलेज में माइक्रोसॉफ्ट की सबसे बड़ी अजयोर डेवलपमेंट कम्युनिटी की भी शुरुआत की।

माइक्रोसॉफ्ट की ओर से भेजा गया संदेश कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थियों को दिखाया गया। इसके अलावा दोनों सीनियर कंसलटेंट ने माइक्रोसॉफ्ट क्लाउड टेक्नोलॉजी की हैंड्सऑन ट्रेनिंग भी दी। कंसलटेंट ने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट अजयोर कम्युनिटी के जरिए छत्तीसगढ़ के टेक्नोक्रेट्स सीधे तौर पर दुनिया की शीर्ष कंपनी के साथ सीधे जुड़ सकेंगे। इस सर्टिफिकेशन सेंटर से विद्यार्थियों को नई प्रोग्रामिंग टेक्नोलॉजी से भी रूबरू होने का मौका मिलेगा।

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