अंबिकापुर : नगेसिया किसान समाज द्वारा तुर्रापानी, अंबिकापुर में आयोजित करमा उत्सव में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल शामिल हुए। उन्होंने करमा पर्व की प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान पारंपरिक लोकगीत, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उत्सव में रंग भर दिया।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि करमा पर्व छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह प्रकृति के प्रति आस्था, कृषि परंपरा, सामुदायिक भावना और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक रीति-रिवाज हमारी सांस्कृतिक पहचान की अमूल्य धरोहर हैं। इन्हें संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति अपनी विशिष्ट परंपराओं, लोकनृत्यों, लोकगीतों और प्रकृति से गहरे जुड़ाव के लिए देश-दुनिया में विशेष पहचान रखती है। करमा जैसे पारंपरिक उत्सव इसी सांस्कृतिक विविधता की सुंदर अभिव्यक्ति हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोककला, लोक संस्कृति और जनजातीय परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। स्थानीय स्तर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम इस दिशा में अहम भूमिका निभाते हैं।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने नगेसिया किसान समाज द्वारा आयोजित करमा उत्सव की सराहना करते हुए आयोजकों और समाज के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कामना की कि करमा पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए।
कार्यक्रम में नगेसिया किसान समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। पारंपरिक गीत-संगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ करमा उत्सव उत्साह और उल्लास से मनाया गया।