रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंगलवार को राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक रावणभाठा मैदान में आयोजित विजयादशमी उत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विजयादशमी अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का शाश्वत संदेश देती है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें अपने जीवन में सत्य, न्याय, धैर्य और मानवता के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने रावणभाठा दशहरा उत्सव के आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रावण दहन की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब व्यक्ति अपने भीतर मौजूद काम, क्रोध, मद और लोभ जैसी बुराइयों पर भी विजय प्राप्त करे। उन्होंने बताया कि रावणभाठा मैदान में दशहरा उत्सव की लगभग 170 वर्ष पुरानी गौरवशाली परंपरा रही है। यह आयोजन रायपुर की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और सामूहिक आस्था का प्रतीक है। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी परंपराएं नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कारों और जीवन मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा आत्मीय संबंध है। यह माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वनवास काल में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने छत्तीसगढ़ की धरती पर समय बिताया था। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, त्याग, साहस और न्याय के प्रति अटूट निष्ठा का उदाहरण है। विजयादशमी हमें सिखाती है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने वालों की अंततः विजय होती है।

साय ने कहा कि विजयादशमी का संदेश आज भी प्रासंगिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए इसे देश के साहस और आतंकवाद के खिलाफ संकल्प का प्रतीक बताया। अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को भारत की आस्था और सांस्कृतिक गौरव का ऐतिहासिक अवसर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 49 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में दर्शन कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपने भीतर की बुराइयों को त्यागने और समाज में प्रेम, सद्भाव, भाईचारे तथा सेवा की भावना मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विकास के नए दौर में आगे बढ़ रहा है और सभी को अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रावणभाठा के दशहरा उत्सव को लगभग 170 वर्ष पुरानी परंपरा बताते हुए इसके सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी, जनप्रतिनिधि, सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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