रायपुर, छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में मंगलवार को ऐतिहासिक पहल हुई। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन से रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरूद यात्री रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर ताड़ोकी-रावघाट रेलखंड और अभनपुर-कुरूद रेलखंड का लोकार्पण किया गया। साथ ही रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला रखी गई। ताड़ोकी से रावघाट तक रेल लाइन का निर्माण पूरा होने के साथ आजादी के बाद पहली बार रावघाट रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर और दक्षिणी क्षेत्र के दूरस्थ जनजातीय इलाकों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में रेल अधोसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। नई रेल सेवाओं से लोगों को राजधानी रायपुर सहित अन्य प्रमुख शहरों तक आने-जाने में सुविधा मिलेगी। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल नेटवर्क का विस्तार दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि छत्तीसगढ़ में लगभग 54 हजार करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश को रेलवे के लिए 7,470 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना की कुल लंबाई लगभग 95 किलोमीटर है और इसकी लागत करीब 1,628 करोड़ रुपये है। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा होने से क्षेत्र में रेल संपर्क स्थापित हुआ है। आने वाले समय में रावघाट से जगदलपुर तक रेल कनेक्टिविटी विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। रायपुर-कुरूद रेल सेवा शुरू होने से धमतरी क्षेत्र में ब्रॉडगेज रेल कनेक्टिविटी के विस्तार को गति मिली है। अभनपुर-धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के तहत अभनपुर से कुरूद तक लगभग 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन पूरा किया गया है। कुरूद से धमतरी तक शेष कार्य पूरा होने के बाद रायपुर से धमतरी तक रेल सेवा के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद छत्तीसगढ़ में 1,328 किलोमीटर नई रेल पटरियां बिछाई गई हैं। प्रदेश में 32 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है, जिनमें से आठ स्टेशन तैयार हो चुके हैं। कार्यक्रम के दौरान रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला भी रखी गई। इस सुविधा में भविष्य में 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता विकसित होगी। इससे रेल परिचालन और माल परिवहन की दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने खरसिया-परमालकसा, रावघाट-जगदलपुर और डोंगरगढ़-कटघोरा जैसी रेल परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके विस्तार से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। उन्होंने पत्थलगांव से लोहरदगा क्षेत्र की ओर रेल संपर्क विस्तार की मांग को विशेष पैकेज में शामिल किए जाने पर भी आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रावघाट तक रेल पहुंचना बस्तर के विकास की नई संभावनाओं का द्वार है। बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने, पर्यटन को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने विजयादशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को नई रेल सेवाओं की सौगात मिलने पर बधाई दी। कार्यक्रम में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, कांकेर सांसद भोजराज नाग, विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू और पुरंदर मिश्रा सहित रेलवे के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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