रायपुर : बारिश और बाढ़ से खराब हुई सड़कों और पुलों की मरम्मत अब लोक निर्माण विभाग की प्राथमिकता में है। PWD सचिव मुकेश कुमार बंसल ने नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में दुर्ग परिक्षेत्र के सभी संभागों में चल रहे सड़क और भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित सड़कों और पुलों पर जल्द से जल्द आवागमन बहाल करने के निर्देश दिए।
सचिव ने चालू मानसून के दौरान सड़कों की पेच रिपेयरिंग और गड्ढों की मरम्मत का काम तत्काल शुरू करने को कहा। उन्होंने परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों की भी ठेकेदारों के जरिए तुरंत मरम्मत कराने के निर्देश दिए। बैठक में बरसात के बाद होने वाले बीटी पेच रिपेयरिंग के कामों के लिए 31 अगस्त तक निविदा प्रक्रिया पूरी करने और 31 सितंबर तक एजेंसियां तय करने को कहा गया।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और तय समय-सीमा को लेकर भी सचिव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंताओं को हर महीने कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माण कार्यों, निविदाओं और भुगतान की स्थिति की समीक्षा करने को कहा। साथ ही सभी अभियंताओं को सप्ताह में कम से कम दो दिन निर्माण स्थलों का दौरा कर काम की गुणवत्ता और प्रगति की निगरानी करने के निर्देश दिए।
बैठक में पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों के लंबित भुगतानों को लेकर भी निर्देश दिए गए। सचिव ने जीएसटी, रॉयल्टी और ठेकेदारों के अंतिम भुगतान सहित सभी देयकों का भुगतान 30 सितंबर तक करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि काम पूरा होने के तीन महीने के भीतर सभी देयकों का भुगतान और जरूरी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराकर कार्यों को PWD-IMS में क्लोज किया जाए। वहीं आयोजनों और कार्यक्रमों से जुड़े बिलों का भुगतान एक महीने के भीतर करने के निर्देश दिए।
सचिव ने PWD-IMS में विभाग के सभी कार्यों की एंट्री 31 अगस्त तक पूरी करने और वित्तीय वर्ष 2025-26 व 2026-27 के प्राथमिकता वाले नए कार्यों के प्राक्कलन भी इसी तारीख तक जमा करने को कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, CPGRAMS और लोक सेवा गारंटी से जुड़ी शिकायतों का तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही पहुंचविहीन गांवों को बारहमासी सड़क संपर्क देने वाली सड़कों और पुलों के प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में भू-अर्जन, न्यायालयीन प्रकरणों, अनुकंपा नियुक्ति, लंबित पेंशन मामलों और विभागीय मानव संसाधन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। आपसी सहमति से होने वाले भू-अर्जन की प्रक्रिया तीन महीने में पूरी करने और इसके बाद तत्काल नामांतरण कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में PWD के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एन.के. जयंत सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सभी सात संभागों के कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी मौजूद रहे।