रायपुर, 41वें अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह की सांस्कृतिक संध्या में बिलासपुर की श्वेता नायक एंड ग्रुप ने कुचिपुड़ी नृत्य की शानदार प्रस्तुति से दर्शकों का मन जीत लिया। ‘शिवशक्ति समर्पण’ के जरिए कलाकारों ने भगवान शिव के तांडव और माता पार्वती के लास्य का ऐसा संगम प्रस्तुत किया, जिसमें भक्ति, शक्ति, सौंदर्य और लय एक साथ नजर आए।
कार्यक्रम की शुरुआत ‘मीनाक्षी पंचरत्नम्’ से हुई। रागमालिका और आदि ताल में प्रस्तुत इस रचना में देवी मीनाक्षी के दिव्य स्वरूप और महिमा को कुचिपुड़ी की भावपूर्ण मुद्राओं के जरिए दर्शाया गया। कलाकारों की भाव-भंगिमाओं और लयबद्ध पदसंचालन ने प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाया।
इसके बाद ‘तरंगम’ ने दर्शकों का खास ध्यान खींचा। थाली पर संतुलन बनाकर किए गए नृत्य के साथ जटिल पदसंचालन, लय और भाव का तालमेल देखने को मिला। कलाकारों की नृत्य क्षमता और संतुलन ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया।
‘शिवशक्ति समर्पण’ के अगले हिस्से में भगवान शिव के गंगाधर, चंद्रचूड़ और आनंद नटराज स्वरूपों का भावपूर्ण निरूपण किया गया। गंगा के शिव की जटाओं में अवतरण और लोककल्याण के लिए भगवान शिव द्वारा गंगा को अपनी जटाओं में धारण करने के प्रसंग को नृत्य के माध्यम से जीवंत किया गया।
गुरु श्वेता नायक के निर्देशन में डी. धारणी, दिप्ता पॉल, चेतन्या साहू, मेघा सारथी, ऐश्वर्या, श्वेता सालिनी नायक, एन. स्तुति रेड्डी, एन. दिव्यांका और हर्षिता कैवर्त सहित कलाकारों ने प्रस्तुति दी। कलाकारों के समन्वय और भावपूर्ण अभिनय ने पूरी प्रस्तुति को यादगार बना दिया।