रायपुर : नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने सोमवार को मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में प्रधानमंत्री ई-बस योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना और 15वें वित्त आयोग के कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई।

प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में जनसुविधा, समयबद्धता, वित्तीय व्यवहार्यता और दीर्घकालिक स्थिरता को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग के साथ निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया। बैठक में सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

जनसुविधा के हिसाब से तैयार होगा ई-बस रूट प्लान

प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत रायपुर में ई-बस संचालन को अधिक सुविधाजनक और जनोपयोगी बनाने के लिए व्यापक रूट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। प्रमुख सचिव ने कहा कि बस रूट तय करते समय प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को भी जोड़ा जाए।

उन्होंने प्रस्तावित रूटों की व्यवहारिकता, यात्री आवागमन और कनेक्टिविटी का सर्वे कराने के साथ यात्रियों की सुविधा के अनुसार बस-स्टॉप निर्धारित करने को कहा। बस-स्टॉप्स के विकास में PPP मॉडल की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए गए।

ई-बसों का किराया आम नागरिकों की भुगतान क्षमता को ध्यान में रखते हुए सुविधाजनक और युक्तिसंगत रखने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया। साथ ही बस रूट, बस-स्टॉप, बसों की उपलब्धता और यात्री सुविधाओं में तकनीक के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया।

30 सितंबर तक पूरे करने होंगे निर्माणाधीन पीएम आवास

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत निर्माणाधीन आवासों को 30 सितंबर 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए नगरीय निकायवार साप्ताहिक लक्ष्य तय कर विशेष अभियान चलाने को कहा गया है।

प्रमुख सचिव ने जिला कलेक्टरों और नगरीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर लंबित आवासों को मिशन मोड में पूरा कराने के निर्देश दिए। निर्माण में आ रही तकनीकी या प्रशासनिक दिक्कतों का समय पर समाधान करने और पात्र हितग्राहियों को योजना के प्रावधानों के अनुसार किस्त की राशि समय पर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना में वित्तीय मॉडल पर फोकस

स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत प्रस्तावित वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं की तकनीकी और वित्तीय व्यवहार्यता की समीक्षा की गई। बोरा ने राज्य सरकार और नगरीय निकायों पर पड़ने वाले संभावित वित्तीय दायित्व का समग्र आकलन करने के निर्देश दिए।

PPP मॉडल के तहत निजी क्षेत्र की संभावित भागीदारी पर भी चर्चा हुई। उन्होंने सक्षम निजी भागीदारों की उपलब्धता, निवेश में उनकी रुचि और अपेक्षाओं का आकलन कर परियोजना की वित्तीय संरचना को व्यावहारिक एवं टिकाऊ बनाने के निर्देश दिए।

15वें वित्त आयोग के कार्यों में गैप एनालिसिस पर जोर

प्रमुख सचिव ने 15वें वित्त आयोग से प्राप्त राशि के बेहतर उपयोग के लिए स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना बनाने को कहा।

सड़कों के निर्माण और उन्नयन को बिखरे तरीके से करने के बजाय शहर की समग्र अधोसंरचना और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप प्लानिंग करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही नगरीय निकायों में गैप एनालिसिस तैयार कर सड़क, नाली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमियों को चिन्हित करने पर जोर दिया गया।

प्रमुख सचिव ने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का योजनाबद्ध उपयोग कर विकास कार्यों को अधिक लक्षित और परिणामोन्मुख बनाया जाए, ताकि नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं मिल सकें।

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