रायपुर : इंटरनेट और ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्क रहना बेहद जरूरी है। कृषि विकास, किसान कल्याण एवं आदिम जाति मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों के बारे में लगातार जानकारी देना जरूरी है।
वे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में छत्तीसगढ़ पुलिस के ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल विशिष्ट अतिथि और रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला अध्यक्ष के रूप में मौजूद रहे।
15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहा साइबर जागृति अभियान
छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से साइबर अपराधों के खिलाफ 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक छह सप्ताह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बैंक खाताधारकों को ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीकों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
कार्यशाला में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों और उनसे बचने के व्यावहारिक उपायों पर भी जानकारी दी गई।
चार साल में 12 गुना बढ़े साइबर अपराध
रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने साइबर अपराधों से जुड़े चिंताजनक आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में देश में साइबर अपराध 12 गुना बढ़े हैं, जबकि साइबर ठगी में जाने वाली राशि में करीब 40 गुना बढ़ोतरी हुई है। मौजूदा समय में देश में रोजाना लगभग 61 करोड़ रुपये की साइबर ठगी होने की बात उन्होंने बताई।
उन्होंने कहा कि साइबर ठग लगातार नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति, कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर तुरंत भरोसा करने के बजाय पहले उसकी जांच करना जरूरी है।
OTP, पासवर्ड और बैंक डिटेल किसी से शेयर न करें
कार्यशाला में साइबर ठगी से बचने के लिए लोगों को कई महत्वपूर्ण सावधानियां बताई गईं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि OTP, बैंक अकाउंट की जानकारी, पासवर्ड और ATM PIN जैसी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
इसके अलावा संदिग्ध या अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचने, फर्जी नौकरी और निवेश योजनाओं के झांसे में नहीं आने तथा डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग कॉल और सोशल मीडिया पर मिलने वाले लालच या धमकियों से सावधान रहने की सलाह दी गई।
साइबर ठगी हो तो तुरंत 1930 पर करें कॉल
पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध या ऑनलाइन वित्तीय ठगी का शिकार हो जाता है तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करे। ऑनलाइन शिकायत cybercrime.gov.in के माध्यम से भी दर्ज की जा सकती है। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।
कार्यशाला में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कपिल देव दीपक, कृषि महाविद्यालय रायपुर के अधिष्ठाता, विभिन्न विभागों के संचालक, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।