रायपुर : छत्तीसगढ़ का देवभोग ब्रांड अब गुणवत्ता और भरोसे की पहचान बन चुका है। अपनी शुद्धता के कारण देवभोग ने देश में अलग पहचान बनाई है और अब इसे राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करने की तैयारी है। यह बात पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने दुर्ग जिले के उरला (कुम्हारी) स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित के दुग्ध किसान सम्मेलन में कही।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मंत्री नेताम ने उरला दुग्ध संयंत्र में नवीन कैंटीन का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने दुग्ध संयंत्र की विभिन्न प्रणालियों का निरीक्षण कर वहां की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
पशुपालकों के लिए विशेष मार्गदर्शिका जारी
सम्मेलन के दौरान मंत्री ने पशुपालकों के लिए तैयार की गई विशेष मार्गदर्शिका पुस्तिकाओं का विमोचन किया। इसके साथ ही देवभोग के रेडियो जिंगल, रिंगटोन और प्रेरक गीत भी लॉन्च किए गए।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार डेयरी सेक्टर को आधुनिक, आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसका सीधा लाभ किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के रूप में मिलने की उम्मीद है।
दूध से बाजार तक पूरी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
रामविचार नेताम ने कहा कि पशुपालन को ग्रामीणों के लिए मजबूत आजीविका का साधन बनाने के लिए दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण, मार्केटिंग नेटवर्क और तकनीकी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डेयरी विकास से जुड़ी योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू किया जाए और दुग्ध उत्पादकों व किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य देवभोग को पूरे देश में गुणवत्ता और विश्वास के प्रतीक के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए दूध और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर करने के साथ आधुनिक उत्पादन व्यवस्था, मजबूत मार्केटिंग नेटवर्क और किसानों की भागीदारी को बढ़ाया जा रहा है।
किसानों की आय और आत्मनिर्भरता बढ़ाने की कोशिश
मंत्री ने कहा कि डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने से दुग्ध उत्पादक किसानों और महिला पशुपालकों के लिए आय के अवसर बढ़ेंगे। सरकार का प्रयास है कि आधुनिक तकनीक और बेहतर व्यवस्थाओं के जरिए पशुपालन को ज्यादा लाभकारी बनाया जाए, जिससे किसानों की आय, आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हो।
सम्मेलन में पशु चिकित्सा सेवाएं के संचालक चंद्रकांत वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक किसान और महिला पशुपालक मौजूद रहे।