रायपुर : नवा रायपुर अटल नगर में बढ़ती आवासीय मांग को देखते हुए नई हाउसिंग परियोजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सेक्टर-12 फेस-2 में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की 119.89 करोड़ रुपये की आवासीय परियोजना का भूमिपूजन किया। परियोजना के तहत HIG और MIG श्रेणी के कुल 348 भवन बनाए जाएंगे।
मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर को देश की अग्रणी ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित करने पर सरकार का फोकस है। आवासीय परियोजनाओं को अब मांग के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि तैयार मकान लंबे समय तक खाली न रहें।
बिना मांग के शुरू नहीं होगी नई हाउसिंग परियोजना
मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि गृह निर्माण मंडल की नई परियोजनाएं तभी आगे बढ़ेंगी, जब उनकी पर्याप्त मांग हो। इसके लिए किसी परियोजना में 60 प्रतिशत बुकिंग या शुरुआती तीन महीनों में 30 प्रतिशत बुकिंग होने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाने की नीति अपनाई गई है।
उन्होंने बताया कि गृह निर्माण मंडल को करीब 700 करोड़ रुपये का ऋण चुकाकर कर्जमुक्त किया गया है। अब मंडल की कार्यप्रणाली में बदलाव करते हुए मांग आधारित और व्यावहारिक परियोजनाओं पर जोर दिया जा रहा है।
704 नए फ्लैट का भी होगा निर्माण
सेक्टर-12 फेस-2 में मौजूदा परियोजना के अलावा आवासों की बढ़ती मांग को देखते हुए आगामी चरण में 704 नए फ्लैट बनाए जाएंगे। इनमें 128 HIG, 320 MIG और 256 LIG श्रेणी के फ्लैट शामिल होंगे।
इन फ्लैट्स की प्रस्तावित बेस बिक्री कीमत 16.76 लाख रुपये से 40.47 लाख रुपये तक बताई गई है। वहीं 348 भवनों का बेस विक्रय मूल्य 45.70 लाख से 85.17 लाख रुपये तक निर्धारित किया गया है।
हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में गुणवत्ता पर जोर
मंत्री ने अधिकारियों को निर्माण की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी SOR के आधार पर काम करने के बजाय जरूरत के अनुसार बेहतर गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
आवासों में बेहतर टाइल्स, फिटिंग्स और आधुनिक रंगों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों की पहचान बेहतर निर्माण और सुविधाओं से होनी चाहिए।
समय पर हैंडओवर और RWA को मजबूत करने पर जोर
मंत्री ने हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि कॉलोनी के रखरखाव में सरकार के साथ रहवासियों की भी जिम्मेदारी है।
उन्होंने नए हितग्राहियों से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर नजर रखने और किसी भी कमी की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की अपील की। साथ ही परियोजना को तय समय से पहले पूरा करने के निर्देश दिए।
शिक्षा, स्वास्थ्य और टेक्नोलॉजी का भी हब बन रहा नवा रायपुर
मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में आवासीय विकास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और अन्य क्षेत्रों का भी तेजी से विस्तार हो रहा है। यहां NIFT, NFSU, NIELIT, IIM, HNLU और IIIT जैसे संस्थान मौजूद हैं।
इसके अलावा एआई डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर यूनिट और अन्य परियोजनाओं से नवा रायपुर के विकास को गति मिल रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी नई सुविधाओं के विस्तार की बात कही गई।
खेल और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी बढ़ रहीं संभावनाएं
नवा रायपुर को आने वाले समय में खेल, कॉन्फ्रेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की संभावनाएं भी जताई गई हैं। मंत्री ने कहा कि अगले एक-दो वर्षों में वर्तमान में चल रही कई परियोजनाओं का असर जमीन पर दिखाई देगा।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मंत्री ओ.पी. चौधरी ने पीपल का पौधा लगाया। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को हरित और पर्यावरण-अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने में पौधरोपण और पौधों का संरक्षण अहम भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव, सचिव अंकित आनंद, आयुक्त अवनीश शरण सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, सेक्टर-12 के रहवासी, नए हितग्राही और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।