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कोंडागांव : प्रदेश में हरित विकास और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की पहल के तहत कोंडागांव जिले के विश्रामपुरी (बड़ेराजपुर) में वनमंडल स्तरीय वन महोत्सव-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने मैंदा प्रजाति का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने ‘एक पेड़, एक जीवन’ का संकल्प दिलाते हुए हर परिवार से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी लेने की अपील की।

‘एक पेड़ मां के नाम’ को बनाएं जनआंदोलन

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जनआंदोलन का रूप देना समय की जरूरत है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में वन संरक्षण, हरित क्षेत्र के विस्तार और पर्यावरण संवर्धन के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने विद्यार्थियों से पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी लेने और प्रत्येक शासकीय संस्थान में हरित परिसर विकसित करने का आह्वान किया।

‘हरित भारत, स्वस्थ भारत’ की ली शपथ

वन महोत्सव में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने ‘हमारा संकल्प-एक पेड़, एक जीवन; हरित भारत, स्वस्थ भारत’ की शपथ ली। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश देने के लिए पौधों को राखी भी बांधी गई।

मंत्री कश्यप ने नागरिकों से पेड़ों की कटाई रोकने और अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार के प्रयासों के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।

बस्तर में विकास और शांति के नए दौर की बात

केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर अब विकास और शांति के नए दौर में आगे बढ़ रहा है। सरकार लघु वनोपजों के संग्रहण और प्रसंस्करण के माध्यम से वनवासियों की आय बढ़ाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जंगलों का संरक्षण केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आजीविका और भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।

हितग्राहियों को लाखों की सहायता, वन समितियां सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को आर्थिक सहायता और सम्मान प्रदान किया गया। राज मोहिनी देवी अनुदान योजना के तहत तीन हितग्राहियों को कुल 2.30 लाख रुपये की सहायता दी गई। वहीं प्रतिभाशाली छात्रवृत्ति योजना के तहत छह छात्राओं को 1.20 लाख रुपये वितरित किए गए।

इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्रहण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संग्राहकों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। वन संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाली आठ संयुक्त वन प्रबंधन समितियों और 11 वन कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

वन महोत्सव में केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष रीता सोरी, वन मंडलाधिकारी दिव्या गौतम, जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यार्थी और ग्रामीण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के जरिए लोगों को यह संदेश दिया गया कि पौधरोपण केवल एक दिन की गतिविधि नहीं, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण के साथ जुड़ी जिम्मेदारी है। ‘एक पेड़, एक जीवन’ का संकल्प इसी सामूहिक जिम्मेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।

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