छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास विभाग को जनजातीय विरासत के संरक्षण, जनजातीय कल्याण और वनाधिकारों की सतत सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए अभिनव कार्यों के लिए प्रतिष्ठित SKOCH Gold Award से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान विभाग की दो प्रमुख पहलों ‘AADI VIRASAT’ और ‘मोर वनाधिकार, मोर उत्तराधिकार’ को प्रदान किया गया।
SKOCH Award के लिए दोनों परियोजनाओं का चयन तीन-स्तरीय प्रस्तुतीकरण एवं मूल्यांकन प्रक्रिया तथा पब्लिक वोटिंग के बाद किया गया। तत्कालीन टीम लीडर एवं प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, IAS ने जूरी के समक्ष दोनों परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। परियोजनाओं से जुड़े बी.के. राजपूत, संयुक्त सचिव और श्रीकांत शुक्ला, OSD भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
‘AADI VIRASAT’ के तहत छत्तीसगढ़ में दो महत्वपूर्ण संग्रहालयों का निर्माण किया गया है। इनमें शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय शामिल है, जिसका उद्घाटन नवंबर 2025 में प्रधानमंत्री द्वारा किया गया था। वहीं राज्य के पहले जनजातीय संग्रहालय का उद्घाटन मई 2025 में मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।
इन संग्रहालयों में जनजातीय इतिहास, वीरता, संस्कृति और परंपराओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए AR/VR और immersive experiences का उपयोग किया गया है। इसका उद्देश्य जनजातीय विरासत को नई पीढ़ी तक प्रभावी और आधुनिक तरीके से पहुंचाना है।
वहीं ‘मोर वनाधिकार, मोर उत्तराधिकार’ पहल के माध्यम से वनाधिकार को केवल एक बार मिलने वाले अधिकार के बजाय पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुरक्षित रहने वाली व्यवस्था के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया है। इसमें उत्तराधिकार, अभिलेखों के अद्यतन और वनाधिकार प्राप्त हितग्राहियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
SKOCH Gold Award मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और आदिम जाति विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने विभागीय अधिकारियों एवं पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों की विरासत और अधिकारों के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय पहचान बताया।