हर घर में मुफ्त पौधे लगाने की तैयारी, 23,500 स्कूलों में बनेगी शाला पोषण वाटिका रायपुर, छत्तीसगढ़ में कुपोषण और एनीमिया से बचाव के लिए राज्य सरकार ‘हर-घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत प्रदेश के घरों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, आश्रमों और छात्रावासों में मुनगा (सहजन) के पौधे लगाए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य पौष्टिक आहार को बढ़ावा देना और लोगों में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस संबंध में मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें अभियान की रूपरेखा, विभागों की जिम्मेदारियों और पौधों के रोपण से लेकर उनकी देखभाल तक की व्यवस्था पर चर्चा की गई।

फरवरी-मार्च में बांटे जाएंगे मुफ्त पौधे

योजना के तहत प्रत्येक घर में मुनगा के पौधे निःशुल्क उपलब्ध कराने की तैयारी है। उद्यानिकी, कृषि और वन विभाग की नर्सरियों में पौधे तैयार किए जाएंगे। फरवरी से मार्च के बीच पौधों का वितरण और रोपण किया जाएगा। सभी जिलों में कलेक्टर अभियान की निगरानी करेंगे। पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और नियमित देखभाल पर भी ध्यान दिया जाएगा। मुनगा की पत्तियों और फलियों में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और कई विटामिन पाए जाते हैं। इन्हें नियमित भोजन में शामिल करने से आहार की पोषण गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। अभियान के तहत परिवारों को मुनगा की पत्तियों और फलियों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही कुपोषण और एनीमिया से बचाव के लिए संतुलित आहार और जरूरी स्वास्थ्य जांच के महत्व पर भी जोर रहेगा।

23,500 स्कूलों में विकसित होगी पोषण वाटिका

अभियान के तहत प्रदेश के करीब 23,500 स्कूलों में मुनगा के पौधे लगाए जाएंगे और शाला पोषण वाटिका विकसित की जाएगी। विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए मध्याह्न भोजन में मुनगा की भाजी शामिल करने पर भी जोर दिया जाएगा। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों, आश्रमों और छात्रावासों में भी पौधे लगाए जाएंगे।

डिजिटल निगरानी से ट्रैकिंग

अभियान की प्रगति पर नजर रखने के लिए डिजिटल जियो-टैगिंग और लाइव डैशबोर्ड का उपयोग किया जाएगा। इससे पौधों के रोपण, उनकी स्थिति और जीवित रहने की दर की निगरानी की जा सकेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग अभियान का नोडल विभाग होगा, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास, उद्यानिकी, कृषि और वन विभाग पौधों की उपलब्धता, तकनीकी सहयोग और जनजागरूकता में भूमिका निभाएंगे। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, आदिम जाति विकास विभाग के सचिव भुवनेश यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का लक्ष्य मुनगा के पौधों को घरों और संस्थानों तक पहुंचाकर पोषण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है। अभियान का वास्तविक लाभ पौधों की नियमित देखभाल, उनके उपयोग और लोगों में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ने पर निर्भर करेगा।

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