महतारी वंदन योजना से 68 लाख महिलाओं को आर्थिक संबल, प्रदेश में 14 लाख लखपति दीदी
रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा एवं नवरात्रि महोत्सवों में शामिल हुए और प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कालीबाड़ी स्थित मां काली मंदिर में दर्शन-पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि शक्ति की आराधना, नारी सम्मान और सामाजिक एकता का प्रतीक है। गरबा हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत का सुंदर संगम है। ऐसे आयोजन विभिन्न समाजों को जोड़ने के साथ आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करते हैं।
साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इससे महिलाओं को अपनी दैनिक जरूरतों और परिवार की जिम्मेदारियों को पूरा करने में मदद मिल रही है। आर्थिक सशक्तिकरण महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्वरोजगार और आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं। सरकार महिलाओं को कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन धरती है, जहां मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी और मां महामाया जैसे शक्तिपीठ आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। नवरात्रि के दौरान प्रदेशभर में भक्तिमय वातावरण रहता है और श्रद्धालु देवी आराधना में भाग लेते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ की भावना के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और धार्मिक स्थलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, देवजी भाई पटेल, जयंती पटेल, जगदीश पटेल सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।