रायपुर में उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने राज्य के सभी नगर निगमों और जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कामकाज की समीक्षा की। नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में हुई बैठक में उन्होंने अधिकारियों को शहरों की व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर ज्यादा सक्रियता और जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि अधिकारी सुबह शहर में निकलें, मौके पर जाकर व्यवस्थाओं को देखें और जो कमी दिखाई दे, उसे तत्काल दूर कराएं।
बैठक में शहरों के विकास, स्वच्छता, राजस्व वसूली, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकाय केवल बजट खर्च करने वाली संस्थाएं नहीं हैं, बल्कि शहरों की भविष्य की जरूरतों के अनुसार योजनाएं बनाने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने की जिम्मेदारी भी उनकी है।
संपत्ति कर भुगतान के लिए ऑनलाइन व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश
अरुण साव ने निकायों की आय बढ़ाने के लिए संपत्तियों का सर्वे कराने और नई संपत्तियों की पहचान करने के निर्देश दिए। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा निकायों में संपत्ति कर के ऑनलाइन भुगतान की सुविधा शुरू करने पर जोर दिया, ताकि लोगों को कर जमा करने में आसानी हो और राजस्व वसूली भी बेहतर हो।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता पर ध्यान देने और निर्माणाधीन कार्यों का नियमित निरीक्षण करने को भी कहा।
अलग-अलग दिनों में होगी कामकाज की समीक्षा
उप मुख्यमंत्री ने निकायों में नियमित समीक्षा के लिए प्रभावी कार्यपद्धति तैयार करने को कहा। इसके तहत सप्ताह के अलग-अलग दिनों में राजस्व वसूली, निर्माण कार्य, साफ-सफाई और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी।
अवैध कब्जे और अतिक्रमण पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
अरुण साव ने अवैध कब्जों और अतिक्रमण की जानकारी मिलते ही कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण पर समय रहते कार्रवाई नहीं होने से भविष्य में सड़क, पानी, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता है।
उन्होंने निगम आयुक्तों और सीएमओ को प्रतिदिन सुबह शहर का भ्रमण करने के निर्देश दिए। इस दौरान सफाई व्यवस्था, निर्माण कार्य और दूसरी नागरिक सुविधाओं का जायजा लेने के साथ लोगों से सीधे फीडबैक लेने पर भी जोर दिया गया।
अगले 50 साल की जरूरत के हिसाब से बनाएं जल प्रबंधन की योजना
उप मुख्यमंत्री ने शहरों में भविष्य की जल जरूरतों को लेकर अभी से तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले 50 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए चिंतन शिविर आयोजित करने और जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा इस्तेमाल किए गए पानी के दोबारा उपयोग की व्यापक कार्ययोजना बनाने को कहा।
उन्होंने सभी घरों तक पेयजल की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। अरुण साव ने कहा कि भविष्य में जल संकट की स्थिति न बने, इसके लिए निकायों को अभी से दीर्घकालिक रणनीति के साथ काम करना होगा।
शहरों की व्यवस्था ऐसी हो कि लोगों को निकाय की मौजूदगी महसूस हो : सोनमणि बोरा
नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि निकायों की जिम्मेदारी सिर्फ निर्माण कार्य और योजनाएं पूरी करना नहीं है, बल्कि शहर की व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर और सुचारू बनाए रखना भी है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए निकायों को भविष्य की जरूरतों का रोडमैप तैयार कर उस पर प्रभावी तरीके से काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि योजनाओं और विकास कार्यों का असर सिर्फ सरकारी कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देना चाहिए। शहरवासियों को निकाय की मौजूदगी का एहसास होना चाहिए और उन्हें विभिन्न आयोजनों व कार्यक्रमों में भी सहभागी बनाया जाना चाहिए।
खाली जगहों पर बनेंगे अर्बन फॉरेस्ट
प्रमुख सचिव ने शहरों में उपलब्ध खाली जमीनों और स्थानों का चिन्हांकन कर वहां सघन वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अर्बन फॉरेस्ट विकसित करने, फुटपाथों को अतिक्रमण से मुक्त रखने और एनजीटी के निर्देशों का गंभीरता से पालन करने को कहा।
सामान्य सभा और एमआईसी की बैठकें भी समय पर कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा निर्माणाधीन नालंदा परिसरों को जल्द शुरू करने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने पर जोर दिया गया। फर्नीचर, आईटी सुविधाओं, किताबों और अन्य जरूरी संसाधनों के लिए राशि स्वीकृत कर जल्द टेंडर जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
इन योजनाओं और कामों की हुई समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री की घोषणाओं की प्रगति के साथ अधोसंरचना कार्य, नालंदा परिसर, मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, 15वें वित्त आयोग, स्वच्छ भारत मिशन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अमृत मिशन, जल आवर्धन योजनाओं, पीएम स्वनिधि और पीएम ई-बस जैसी योजनाओं की समीक्षा की गई।
इसके अलावा राजस्व वसूली, वेतन भुगतान, एनर्जी बिल ऑडिट, एबीसी रूल्स, गोधाम योजना, अधिकारियों की मॉर्निंग विजिट, सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी और रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कामों की प्रगति भी बैठक में देखी गई।