रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज दिल्ली रवाना हुए, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर अहम बैठक होगी। मुख्यमंत्री साय बैठक में शामिल होकर प्रदेश का पक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के व्यापक हित में संवाद, समन्वय और सहयोग के जरिए विवाद का सकारात्मक समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा ने केंद्रीय जल आयोग (CWC) को लिखित रूप से भरोसा दिलाया है कि दोनों राज्यों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए आयोग का निर्णय स्वीकार किया जाएगा। इससे पहले भी केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आपसी सहमति और सहयोग से इस मामले का समाधान निकलेगा।
इसी दौरान मुख्यमंत्री साय के आगामी सिंगापुर दौरे को लेकर भी जानकारी सामने आई है। वे सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के SING Forum-2026 में छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, औद्योगिक क्षमता और निवेश की संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान सिंगापुर के प्रमुख निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर राज्य में निवेश और कारोबारी साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। सरकार का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय निवेश और तकनीकी साझेदारी के जरिए प्रदेश में उद्योग और रोजगार के नए अवसर बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री ने बस्तर की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कमी नहीं है। शिक्षा, खेल, कौशल, नवाचार और रोजगार के क्षेत्र में उन्हें बेहतर अवसर और उचित मंच उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि वे प्रदेश और देश के विकास में योगदान दे सकें।
प्रदेश में हाल की बारिश और बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री ने राहत की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि 17 जिलों के 550 से अधिक गांव और 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। सभी संबंधित कलेक्टरों को नुकसान का जल्द सर्वे कराने और ‘आरबीसी 6-4’ के तहत पात्र परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित जिलों में मकान क्षतिग्रस्त परिवारों को शासन से मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 हजार रुपए की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत, पेयजल और स्वास्थ्य जैसी जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं