रायपुर : सरगुजा संभाग के छह जिलों में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और जशपुर में 44 मुख्य सड़क परियोजनाओं के लिए 1,093.73 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इन कामों में सड़क निर्माण से लेकर चौड़ीकरण, डामरीकरण, सुदृढ़ीकरण, फोरलेन और पुल-पुलियों का निर्माण शामिल है।
सरगुजा जिले में अम्बिकापुर क्षेत्र की प्रमुख सड़कों को फोरलेन बनाने पर जोर दिया गया है। लरंगसाय चौक से रामानुजगंज मार्ग के 5 किलोमीटर हिस्से के लिए 69.10 करोड़ और गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5 किलोमीटर फोरलेन के लिए 61.34 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा लुण्ड्रा, सीतापुर और मैनपाट क्षेत्र की विभिन्न सड़कों व पुलियों का भी सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
सूरजपुर जिले में भी कई महत्वपूर्ण सड़कों का काम होगा। तारा-प्रेमनगर-रामानुजनगर-कृष्णपुर के 63 किलोमीटर मार्ग के लिए 64.93 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं कल्याणपुर-लटोरी मार्ग के लिए 40.93 करोड़, विशुनपुर-सूरजपुर-ओड़गी मार्ग के लिए 32.24 करोड़ और सूरजपुर के 17 किलोमीटर रिंग रोड के सुदृढ़ीकरण के लिए 16.39 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में परसवार-चलगली मार्ग के 18 किलोमीटर हिस्से के उन्नयन के लिए 38.80 करोड़ रुपये, वाड्रफनगर-जनकपुर-बलंगी मार्ग के लिए 35.32 करोड़ और कामेश्वरनगर-लुरगी मार्ग के लिए 25.69 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे खासकर सीमावर्ती और दूरस्थ इलाकों की आवाजाही बेहतर होने की उम्मीद है। जशपुर में भी कई प्रमुख मार्गों को मजबूत किया जाएगा, जिसमें लुड़ेग-बागबहार-तपकरा-लवाकेरा राज्य मार्ग के 55.80 किलोमीटर हिस्से के लिए 40.32 करोड़ रुपये शामिल हैं।
इन सड़क परियोजनाओं का असर सिर्फ आवागमन तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर सड़कें बनने से किसानों के लिए अपनी उपज बाजार तक पहुंचाना आसान होगा और ग्रामीण इलाकों में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। दूरस्थ क्षेत्रों से स्कूल, कॉलेज और अस्पताल तक पहुंच आसान होने के साथ सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच भी बेहतर होगी।
कुल 1,093.73 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाओं को सरगुजा संभाग की कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम माना जा रहा है। सड़क नेटवर्क मजबूत होने से संभाग के गांवों और शहरों के बीच संपर्क बेहतर होगा, जिससे कृषि, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।