सूरजपुर : ग्रामीण महिलाएं अब स्व-सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत कृष्णपुर की बसंती राजवाड़े इसकी मिसाल हैं। पूजा महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी बसंती ऑयल मिल, आटा चक्की और धान मिल का संचालन कर रही हैं। उनके व्यवसाय से तैयार सरसों तेल की आपूर्ति अब सूरजपुर के साथ अंबिकापुर तक हो रही है।
सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील ने जनपद पंचायत रामानुजनगर के अंतर्गत ग्राम कृष्णपुर पहुंचकर बसंती राजवाड़े की आजीविका गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने ऑयल मिल, आटा चक्की और धान मिल के संचालन की जानकारी ली। साथ ही बसंती से चर्चा कर व्यवसाय से होने वाली आय, खर्च और कामकाज की प्रगति के बारे में जाना।
हर महीने 32 हजार रुपये की आमदनी
बसंती राजवाड़े ने बताया कि तीनों आजीविका गतिविधियों से उन्हें हर महीने करीब 32 हजार रुपये की आमदनी होती है। इसमें से लगभग 10 हजार रुपये मशीनों के संचालन और रखरखाव पर खर्च हो जाते हैं। ऑयल मिल में तैयार सरसों तेल की मांग बढ़ने से उनके व्यवसाय का दायरा भी स्थानीय क्षेत्र से आगे बढ़ रहा है। सूरजपुर और अंबिकापुर तक तेल की आपूर्ति होना उनके लिए स्वरोजगार के विस्तार का महत्वपूर्ण कदम है।
कलेक्टर ने बसंती के प्रयासों की सराहना करते हुए व्यवसाय को आगे बढ़ाने और आजीविका के अन्य साधनों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कार्यस्थल पर स्वच्छता बनाए रखने और मशीनों के नियमित रखरखाव पर ध्यान देने की भी सलाह दी।
महिला समूहों से बढ़ रहे स्वरोजगार के अवसर
महिला स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने, नए कौशल सीखने और नियमित आय अर्जित करने का अवसर दे रहे हैं। सिलाई, हस्तशिल्प, कृषि आधारित काम और प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों के जरिए महिलाएं परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान दे रही हैं। बसंती राजवाड़े का प्रयास भी दिखाता है कि स्थानीय स्तर पर शुरू किया गया व्यवसाय बाजार तक पहुंच बनाकर आगे बढ़ सकता है।
कलेक्टर रेना जमील ने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संचालित आजीविका गतिविधियां महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।