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Chhattisgarh Budget 2026-27

छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के भविष्य को नई दिशा देने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर दिया है. मुख्यमंत्री ने इसे “संकल्प से सिद्धि” का रोडमैप करार दिया है. पिछले साल के बजट की थीम जहां “ज्ञान” और “गति” थी, वहीं इस बार सरकार ने “संकल्प” की भावना को केंद्र में रखा है.

यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें समावेशी विकास, अधोसंरचना और अंत्योदय (अंतिम व्यक्ति का उदय) को प्राथमिकता दी गई है. आइए समझते हैं कि इस बजट में छत्तीसगढ़ के युवाओं, किसानों और बस्तर-सरगुजा के क्षेत्रों के लिए क्या खास है.

5 नए ‘मुख्यमंत्री मिशन’ की शुरुआत

राज्य के विकास को नई धार देने के लिए मुख्यमंत्री ने 5 विशेष मिशनों की घोषणा की है:

1- मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन: सड़कों और भवनों के जाल को और मजबूत किया जाएगा.

2- मुख्यमंत्री एआई (AI) मिशन: प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में अग्रणी बनाने पर जोर.

3- मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन: छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना.

4- मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिशन: युवाओं के नए बिजनेस आइडियाज को सरकारी मदद.

5- मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन: खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्रदान करना.

शिक्षा और स्वास्थ्य: भविष्य की नींव

सरकार ने शिक्षा को बजट में सर्वोच्च स्थान दिया है:

सर्वाधिक आवंटन: कुल बजट का 13.5 प्रतिशत हिस्सा स्कूल शिक्षा के लिए रखा गया है, जो अब तक का सर्वाधिक है.

एजुकेशन सिटी: बस्तर के सुदूर इलाकों अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नई ‘एजुकेशन सिटी’ बनाई जाएंगी, ताकि वहां के बच्चों को शहरों जैसी सुविधाएं मिल सकें.

कैशलेस उपचार: प्रदेश के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अब कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी.

मेडिकल कॉलेज: कुनकुरी, मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए बजट का प्रावधान किया गया है.

किसानों और बस्तर-सरगुजा के लिए सौगातें

छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की जान यानी ‘कृषि’ के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है:

कृषि बजट: खेती-किसानी के लिए 13,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

धान का बोनस: किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी के अंतर की राशि का भुगतान एकमुश्त किया जाएगा.

बस्तर में सिंचाई: इंद्रावती नदी पर देवरगांव और मटनार बैराज के लिए 2000 करोड़ रुपये दिए गए हैं.

बस्तर फाइटर्स: माओवाद उन्मूलन के लिए बस्तर फाइटर्स में 1500 नई भर्तियों की घोषणा की गई है.

युवाओं और बुनियादी ढांचे पर निवेश

रोजगार और बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं:

औद्योगिक पार्क: राज्य में 23 नए औद्योगिक पार्क बनाने के लिए 250 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

युवा दर्शन योजना: छात्रों को राज्य के विभिन्न हिस्सों का शैक्षणिक भ्रमण कराने के लिए ‘छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना’ शुरू होगी.

कनेक्टिविटी: जगदलपुर और अंबिकापुर में हवाई सेवाओं का विस्तार होगा और अंदरूनी क्षेत्रों के लिए ‘मुख्यमंत्री बस सेवा’ चलाई जाएगी.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि एक विकसित छत्तीसगढ़ की नींव है. शिक्षा पर रिकॉर्ड खर्च, बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विकास की नई धारा और तकनीकी नवाचार के लिए ‘AI मिशन’ जैसे कदम यह बताते हैं कि छत्तीसगढ़ अब आधुनिक भारत की दौड़ में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार है. यह बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा.

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