आरडीजेएम मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ के.एच राघवेंद्र ने कहा कि चमकी के शुरुआती लक्षणों में डिहाइड्रेशन और बुखार के लक्षण देखे जाते हैं. ऐसी स्थिति में बच्चों का शुगर लेवल बेहद कम हो जाता है. इसको समय पर मेंटेन करने से बच्चों की जान को बचाया जा सकता है. साथ ही, वक्त पर मेडिकल कॉलेज में पहुंचने पर बीमार बच्चों का सही इलाज किया जाएगा

By

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *