प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत 27 जिलों के 84 नगरीय निकायों को मिली मंजूरी रायपुर, छत्तीसगढ़ के शहरी गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना साकार करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और कदम बढ़ाया है। दीपावली से पहले प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत प्रदेश के 4670 नए आवासों को केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। ये आवास 27 जिलों के 84 नगरीय निकायों में बनाए जाएंगे। इस स्वीकृति के साथ प्रदेश में योजना के दो प्रमुख घटकों के अंतर्गत स्वीकृत आवासों की संख्या बढ़कर 76 हजार 86 हो गई है। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के तहत नए आवासों को मंजूरी दी है। इससे पहले बीएलसी घटक में 55 हजार 953 और भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी) घटक में 15 हजार 463 आवास स्वीकृत किए जा चुके थे। नई स्वीकृति के बाद बीएलसी घटक में कुल स्वीकृत आवासों की संख्या 60 हजार 623 हो गई है। वहीं एएचपी घटक के 15 हजार 463 आवासों को मिलाकर अब तक कुल 76 हजार 86 हितग्राहियों के आवासों को केंद्र की मंजूरी मिल चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नए आवासों की स्वीकृति पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबके लिए आवास के संकल्प को छत्तीसगढ़ में तेजी से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर पात्र परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। दीपावली के अवसर पर मिली यह स्वीकृति जरूरतमंद परिवारों के लिए सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने भी हितग्राही परिवारों को बधाई दी। उन्होंने संबंधित 84 नगरीय निकायों को आवास निर्माण में हितग्राहियों को हरसंभव सहयोग देने और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक शहरी गरीब परिवार को अपना पक्का घर उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का काम आगे बढ़ाया जा रहा है। नई स्वीकृति से हजारों परिवारों को अपने पक्के आशियाने का सपना पूरा होने की उम्मीद मिली है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *