रायपुर,  राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक डब्ल्यूआरएस मैदान में विजयादशमी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में शामिल होकर धनुष-बाण से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया। इस दौरान मैदान में मौजूद हजारों लोगों ने प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विजयादशमी असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का शाश्वत संदेश देती है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों पर चलकर ही समाज में न्याय, सद्भाव और मानवता को मजबूत किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर का डब्ल्यूआरएस मैदान पांच दशकों से अधिक समय से दशहरा उत्सव की परंपरा का साक्षी रहा है। यह आयोजन केवल रावण दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रभु श्रीराम से गहरा आत्मीय संबंध है। यह माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने छत्तीसगढ़ के वनांचलों में समय बिताया था। इसी कारण प्रदेश की लोकसंस्कृति और जनजीवन में श्रीराम के आदर्शों का विशेष स्थान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, धैर्य, साहस और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा का उदाहरण है। रावण के पास अपार सैन्य शक्ति और संसाधन थे, लेकिन भगवान श्रीराम ने दृढ़ संकल्प, धर्म और सामूहिक प्रयासों के बल पर विजय प्राप्त की। उन्होंने कहा कि रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन हमें याद दिलाता है कि अधर्म और अन्याय का साथ देने वाला व्यक्ति कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, उसे अंततः अपने कर्मों के परिणामों का सामना करना पड़ता है। प्रभु श्रीराम के आदर्शों का वास्तविक अनुसरण दूसरों के साथ न्याय करने, जरूरतमंदों की सहायता करने और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने में है।

विजयादशमी के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध भारत की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए ऑपरेशन सिंदूर को देश की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। बस्तर सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विश्वास और विकास का वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शांति और सुरक्षा के साथ विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए, ताकि प्रदेश में समृद्धि और खुशहाली के नए अवसर पैदा हों।

मुख्यमंत्री साय ने अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को देश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक इतिहास का ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 49 हजार से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से सत्य, न्याय, करुणा, सद्भाव और मानवता के मूल्यों को अपनाते हुए समृद्ध एवं शांतिपूर्ण छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, आयोजन समिति के प्रमुख जी. स्वामी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, आयोजन समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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