अंबिकापुर में बनेगा आधुनिक वन्यजीव उपचार केंद्र, 18 ग्रामीण सड़कों के उन्नयन की अनुशंसा
रायपुर, छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों के संरक्षण और वनांचल में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में नवा रायपुर में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की पहली बैठक में अंबिकापुर के संजय पार्क में अत्याधुनिक वन्यजीव ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित करने, 50 काले हिरणों को गोमर्डा अभयारण्य में स्थानांतरित करने और 18 ग्रामीण सड़कों के उन्नयन संबंधी प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया।
अंबिकापुर में बनेगा वन्यजीव उपचार केंद्र
अंबिकापुर के संजय पार्क में प्रस्तावित ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर में घायल वन्यप्राणियों के बचाव, प्राथमिक उपचार और अल्पकालिक देखरेख की सुविधा उपलब्ध होगी। मानव-वन्यजीव संघर्ष या सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले वन्यजीवों को समय पर उपचार मिल सकेगा। इससे वन्यजीवों के संरक्षण और आपातकालीन देखभाल की व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
18 ग्रामीण सड़कों के उन्नयन की अनुशंसा
बैठक में संरक्षित वन क्षेत्रों से जुड़ी 18 ग्रामीण सड़कों के उन्नयन के प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने की अनुशंसा की गई। इनमें भोरमदेव अभयारण्य की तीन, इंद्रावती टाइगर रिजर्व की 14 और जशपुर स्थित बादलखोल अभयारण्य की एक सड़क शामिल है। पीएम जनमन योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रस्तावित इन कार्यों से वनांचल के गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। इसका लाभ बैगा सहित अन्य विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदायों की बस्तियों को भी मिलेगा।
गोमर्डा अभयारण्य में बढ़ेगी काले हिरणों की संख्या
बारनवापारा अभयारण्य में काले हिरणों के संरक्षण में मिली सफलता के बाद अब 50 काले हिरणों को गोमर्डा अभयारण्य में स्थानांतरित करने की स्वीकृति दी गई है। इस पहल का उद्देश्य वन्यजीवों के संरक्षण और उनके सुरक्षित आवास को बढ़ावा देना है।
वहीं, जनभागीदारी के आधार पर चयनित ‘ऑरेंज ओकलीफ’ तितली को छत्तीसगढ़ की पहली राजकीय तितली घोषित करने के प्रस्ताव पर आगे की कार्यवाही को भी मंजूरी दी गई। इससे राज्य की जैव विविधता और तितलियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
हाथी प्रभावित क्षेत्रों के लिए भी प्रस्ताव
समिति ने हाथियों और अन्य वन्यजीवों से फसलों को होने वाले नुकसान के मुआवजे की दरों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिलावार और फसलवार बीमित राशि के आधार पर अद्यतन करने के प्रस्ताव पर आगे विचार करने का निर्णय लिया। इसके अलावा हाथी प्रभावित क्षेत्रों में कच्चे मकानों को पक्का बनाने के लिए विशेष मुख्यमंत्री आवास योजना के प्रस्ताव को उच्चस्तरीय बैठक में विचारार्थ रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में विधायक धर्मजीत सिंह, गोमती साय और चैतराम अटामी सहित वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक ओ.पी. यादव तथा समिति के अन्य सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।