रायपुर, दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, शासकीय योजनाओं और प्रेरक जीवन प्रसंगों की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की गई ब्रेल पुस्तक ‘दिव्यांग अधिकार और प्रेरक कहानियां’ का राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ज्ञान और अवसर पर हर बच्चे का समान अधिकार है। यह पुस्तक दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को अपने अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के साथ उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करेगी।
पुस्तक को विशेष रूप से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह ब्रेल लिपि में तैयार किया गया है। इसमें दिव्यांगजनों के अधिकारों और उनके लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी के साथ विषम परिस्थितियों से आगे बढ़कर सफलता हासिल करने वाले प्रेरक व्यक्तित्वों की कहानियां शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों तक उपयोगी जानकारी को सहज और सुलभ रूप में पहुंचाना है।
पुस्तक का संपादन राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका के. शारदा और राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका प्रीति शांडिल्य ने किया है। दोनों शिक्षिकाएं समावेशी शिक्षा और दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए सुलभ शैक्षणिक सामग्री तैयार करने के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं।
विमोचन के बाद पुस्तक की प्रतियां छत्तीसगढ़ की 20 दृष्टिबाधित शालाओं में नि:शुल्क वितरित की गईं। इससे अधिक से अधिक विद्यार्थी पुस्तक में दी गई जानकारी का लाभ उठा सकेंगे। इस पहल को दृष्टिबाधित विद्यार्थियों तक शिक्षा, अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि समावेशी और सुलभ शिक्षा को मजबूत करने के लिए ऐसे प्रयास जरूरी हैं। ब्रेल पुस्तक के माध्यम से विद्यार्थियों को अधिकारों की जानकारी के साथ प्रेरक कहानियों से आगे बढ़ने का हौसला मिलेगा और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में नई राह खुलेगी।