नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 से निवेश, रोजगार और नवाचार को मिल रहा बढ़ावा
रायपुर, छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्रों में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 1 नवंबर 2024 से 31 मार्च 2030 तक प्रभावी इस नीति में निवेश आकर्षित करने के साथ स्थानीय रोजगार, एमएसएमई विकास, नवाचार और क्षेत्रीय औद्योगिक संतुलन पर विशेष जोर दिया गया है।
नीति के तहत पात्र उद्योगों को कैपिटल इन्वेस्टमेंट सब्सिडी, ब्याज अनुदान, नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, बिजली शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी में छूट, तकनीकी एवं पेटेंट सहायता तथा रोजगार आधारित प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं देने का प्रावधान है। पात्रता के अनुसार स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत तक छूट, कैपिटल इन्वेस्टमेंट सब्सिडी 50 प्रतिशत तक और ईपीएफ प्रतिपूर्ति 75 प्रतिशत तक मिल सकती है।
नए सेक्टरों में निवेश पर जोर
नई नीति का दायरा पारंपरिक खनिज आधारित उद्योगों तक सीमित नहीं है। कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्युटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल एवं इंजीनियरिंग के साथ आईटी, डेटा सेंटर, एआई एवं रोबोटिक्स, रक्षा, एयरोस्पेस एवं स्पेस टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को भी प्रोत्साहन दिया गया है।
एमएसएमई और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा
नीति में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को विशेष सहायता का प्रावधान किया गया है। पिछड़े और अपेक्षाकृत कम विकसित क्षेत्रों में निवेश को अतिरिक्त प्रोत्साहन देने के साथ एससी-एसटी उद्यमियों के लिए भी विशेष पैकेज रखा गया है। रोजगार सृजन से जुड़े उद्योगों को सहायता देने और युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने पर भी जोर है।
निवेश के साथ नवाचार पर फोकस
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में मौजूदा उद्योगों के विस्तार, विविधीकरण और आधुनिकीकरण के साथ नए और उभरते क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को बढ़ाया गया है। तकनीकी सहायता, पेटेंट और टेक्नोलॉजी खरीद के लिए प्रोत्साहन से उद्योगों को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया गया है। सरकार की पहल का फोकस छत्तीसगढ़ में निवेश बढ़ाने के साथ रोजगार, उद्यमिता और औद्योगिक विकास के नए अवसर तैयार करना है।