रायपुर : राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन जीने के संस्कार और सही दिशा भी प्रदान करते हैं। समाज और राष्ट्र के विकास में गुरुजनों की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। वे मंगलवार को नेवरा स्थित पीएम श्री कन्या शाला में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में शामिल हुए।

कार्यक्रम में मंत्री वर्मा ने पूर्व राष्ट्रपति और महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के बौद्धिक और मानसिक विकास में शिक्षक का मार्गदर्शन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से लेकर आज तक जब भी समाज के सामने चुनौतियां आईं, गुरुजनों ने लोगों को सही राह दिखाने का काम किया है।

मंत्री ने कहा कि गुरुजनों का सम्मान छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले शिक्षक केवल स्कूल तक सीमित नहीं रहते थे, बल्कि सामाजिक विवादों के समाधान से लेकर सांस्कृतिक आयोजनों तक उनकी अहम भूमिका रहती थी। उन्होंने कहा कि तकनीक के बढ़ते दौर में भले ही लोगों की व्यस्तता बढ़ी है, लेकिन समाज को समय देकर ग्रामीण व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है।

राजस्व व्यवस्था में बदलाव, रजिस्ट्री के बाद शुरू होगा ऑटोमैटिक नामांतरण

मंत्री टंक राम वर्मा ने राजस्व विभाग में किए जा रहे बदलावों की जानकारी देते हुए कहा कि रिकॉर्ड से जुड़ी गलतियों के जल्द निराकरण के लिए तहसीलदारों के अधिकार बढ़ाए गए हैं। द्वितीय अपील की सुनवाई का अधिकार भी अब कमिश्नर की जगह जिला कलेक्टर को दिया गया है। फर्जी रजिस्ट्री पर रोक लगाने के लिए तहसील कार्यालयों को पंजीयन कार्यालयों से ऑनलाइन जोड़ा गया है और रजिस्ट्री के दौरान ओटीपी को अनिवार्य किया गया है।

उन्होंने बताया कि अब रजिस्ट्री के तुरंत बाद ऑटोमैटिक नामांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी। किसानों को किसान पुस्तिका के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी, वे इसे ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। भू-स्वामी अपने जीवनकाल में ही भूमि का बंटवारा भी कर सकेंगे। वहीं, अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए 5 डिसमिल से कम जमीन की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। बड़ी परियोजनाओं के क्षेत्रों में भू-माफियाओं को अनुचित लाभ से रोकने के लिए अधिसूचना जारी होते ही संबंधित जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक का प्रावधान भी किया गया है।

उच्च शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) लागू किए जाने का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को नई जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकारी स्कूलों में शेड, बाउंड्रीवॉल, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा 40 गांवों में प्रकाश व्यवस्था के लिए 2 करोड़ रुपये, 100 गांवों के तालाबों में पक्के चबूतरों और 40 गांवों में महतारी सदन के निर्माण की स्वीकृति दी गई है।

मंत्री वर्मा ने कहा कि शिक्षा और जनसेवा से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में वरिष्ठ नागरिकों और गुरुजनों का मार्गदर्शन हमेशा महत्वपूर्ण रहेगा। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *