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रायपुर : छत्तीसगढ़ में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और बाल अपराधों की रोकथाम को लेकर प्रदेशभर में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। राज्य बाल संरक्षण समिति के निर्देशन में विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों के जरिए बच्चों, किशोर-किशोरियों, शिक्षकों, अभिभावकों और आम नागरिकों को बाल अधिकारों, सुरक्षा कानूनों और संकट की स्थिति में मिलने वाली सहायता सेवाओं की जानकारी दी जा रही है।

स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंच रही टीमें

इसी अभियान के तहत रायपुर, बालोद और बेमेतरा की टीमों ने स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी तरह की हिंसा या शोषण की स्थिति में मदद लेने के बारे में बताया गया।

कार्यक्रमों में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015, पॉक्सो अधिनियम 2012, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, दत्तक ग्रहण विनियम 2022 सहित मिशन वात्सल्य, मुख्यमंत्री बाल उदय योजना, बाल सक्षम नीति और बाल संरक्षण नीति की जानकारी दी गई।

बाल हिंसा से लेकर साइबर अपराध तक पर जागरूकता

जागरूकता कार्यक्रमों में बाल हिंसा, शोषण, बाल श्रम, बाल तस्करी, ट्रैफिकिंग और साइबर अपराध जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया। बच्चों और आमजन को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के साथ संकट की स्थिति में उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी भी दी गई।

लोगों को बताया गया कि किसी बच्चे के संकट में होने या बाल अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिलाओं के लिए 181 और आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए 112 पर संपर्क किया जा सकता है।

रायपुर में 687 लोगों ने लिया जागरूकता कार्यक्रम में हिस्सा

रायपुर जिले में 13 अगस्त को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खुड़मुड़ी (तिल्दा) और शासकीय हाई स्कूल छतौद (तिल्दा) में आयोजित कार्यक्रम में 671 बच्चों और 16 शिक्षकों ने सहभागिता की।

विद्यार्थियों को बाल हितैषी सिद्धांतों, बाल अधिकार, पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, साइबर क्राइम और गुड टच-बैड टच जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।

इसी दौरान छतौद स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-03 का निरीक्षण भी किया गया। यहां बच्चों, शिशुवती माताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को विभागीय योजनाओं तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में जागरूक किया गया।

बालोद में 113 विद्यार्थियों को दी गई जानकारी

बालोद जिले के विकासखंड बालोद अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोंघाटोला में जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की ओर से जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में 113 बालक-बालिकाओं के साथ विद्यालय के प्राचार्य और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम 2012, किशोर न्याय अधिनियम 2015, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, गुड टच-बैड टच, साइबर क्राइम और बाल अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई।

बच्चों को यह भी समझाया गया कि किसी भी प्रकार के शोषण, हिंसा या संकट का सामना करने पर किस तरह सहायता प्राप्त की जा सकती है।

बच्चों की सुरक्षा में समाज की भागीदारी पर जोर

बाल संरक्षण से जुड़ी इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ समाज में बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी, हिंसा, शोषण और साइबर अपराध के खिलाफ सजगता बढ़ाना है।

विभाग ने आमजन से अपील की है कि बच्चों के प्रति संवेदनशील रहें और किसी भी तरह की हिंसा, शोषण या संकट की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित सहायता सेवाओं से संपर्क करें। बच्चों की सुरक्षा केवल विभागीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।

 

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