नारायणपुर : कृषि भूमि और फसलों से जुड़ा डेटा अब डिजिटल तरीके से दर्ज किया जा रहा है। नारायणपुर जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) अभियान के तहत 176 गांवों के 55,638 खसरों और प्लॉटों का सर्वे किया जा रहा है। अभियान की शुरुआत 17 अगस्त से हुई है और इसे 30 सितंर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
डिजिटल क्रॉप सर्वे के जरिए खेत में मौजूद फसल की जानकारी मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज की जा रही है। सर्वेयर मौके पर पहुंचकर फसल की तस्वीर ऐप पर अपलोड कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में सैटेलाइट इमेजरी और डिजिटल तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
अब तक करीब 8 हजार खसरों का सर्वे पूरा
अभियान शुरू होने के बाद सर्वे का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक करीब 8 हजार खसरों का डिजिटल सर्वे पूरा किया जा चुका है। प्रशासन का लक्ष्य तय समय-सीमा में जिले के सभी चिन्हित खसरों का सर्वे पूरा करना है।
160 सर्वेयर और 29 सुपरवाइजर संभाल रहे जिम्मेदारी
सर्वे के लिए जिले में मैदानी स्तर पर 160 सर्वेयर लगाए गए हैं। इनके काम की निगरानी और डेटा की गुणवत्ता जांचने के लिए 29 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा राजस्व और कृषि विभाग के 21 अधिकारियों को निगरानी और नियमित निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है।
अधिकारियों द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर सर्वे कार्य का जायजा भी लिया जा रहा है। सर्वेयर और सुपरवाइजरों से सीधे जानकारी लेकर मौके पर आने वाली तकनीकी या व्यावहारिक दिक्कतों का समाधान किया जा रहा है।
डिजिटल डेटा से किसानों को मिलेगा फायदा
डिजिटल क्रॉप सर्वे से जिले में खेती और फसलों से जुड़ा ज्यादा सटीक डेटा तैयार होने की उम्मीद है। इससे फसल बीमा, राहत राशि, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और अन्य कृषि योजनाओं से जुड़े लाभ पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
डिजिटल रिकॉर्ड से फसल और कृषि भूमि की जानकारी को अपडेट रखना भी आसान होगा। इससे कृषि और राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ भविष्य में किसानों के लिए योजनाओं की बेहतर प्लानिंग में मदद मिलने की संभावना है।
नारायणपुर में चल रहा यह अभियान पारंपरिक गिरदावरी व्यवस्था से डिजिटल प्रणाली की ओर बढ़ते बदलाव का हिस्सा है, जिसमें खेत स्तर की जानकारी तकनीक के जरिए दर्ज की जा रही है।