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  • राजनांदगांव यूरिया प्लांट: ₹10,500 करोड़ की गैस आधारित परियोजना की शीघ्र मंजूरी का अनुरोध।

  • बस्तर में नई रोशनी: 461 गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने की मांग।

  • स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी पहल: रायपुर या बस्तर में ‘ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद’ (AIIA) खोलने का प्रस्ताव।

  • बस्तर विजन: 5,542 गांवों के लगभग 39 लाख लोगों तक पहुंच रही ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ जैसी योजनाएं।

  • लखपति दीदी सम्मेलन: वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री को आमंत्रण।

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के समग्र विकास, विशेषकर ‘बस्तर के कायाकल्प’, महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के सामने ‘बदलते बस्तर’ का विजन डाक्यूमेंट पेश किया और केंद्र से तीन प्रमुख परियोजनाओं के लिए विशेष सहयोग मांगा।

औद्योगिक और बुनियादी ढांचे का विकास

मुख्यमंत्री श्री साय ने राजनांदगांव में प्रस्तावित ₹10,500 करोड़ की गैस आधारित यूरिया परियोजना को जल्द मंजूरी देने की मांग की। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर इसके लिए जमीन और जरूरी स्वीकृतियां दी जा चुकी हैं। इससे न केवल किसानों को आसानी से खाद मिलेगी, बल्कि निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

इसके अलावा, सुरक्षा और भौगोलिक कारणों से अब तक ऑफ-ग्रिड बिजली पर निर्भर बस्तर के 461 गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए भी केंद्र से विशेष मदद मांगी गई है।

स्वास्थ्य और आयुर्वेद को बढ़ावा

राज्य की समृद्ध औषधीय विरासत का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने रायपुर या बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना का प्रस्ताव रखा। वहीं, ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत अब तक 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और गीदम में नए मेडिकल कॉलेज से इस क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

‘बस्तर विजन’: शिक्षा और विकास की नई लहर

मुख्यमंत्री ने बताया कि सुरक्षा, विश्वास और विकास की नीति से बस्तर तेजी से बदल रहा है:

  • योजनाओं की पहुंच: ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ के माध्यम से बस्तर संभाग के 5,542 गांवों के लगभग 39 लाख लोगों तक सरकारी योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं।

  • शिक्षा में वापसी: नक्सल प्रभावित इलाकों में वर्षों से बंद पड़े 421 स्कूलों को फिर से खोल दिया गया है। दंतेवाड़ा की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में ‘एजुकेशन सिटी’ बनाई जा रही है।

  • युवा और खेल: हाल ही में हुए ‘बस्तर ओलंपिक’ में 4 लाख से अधिक युवाओं ने हिस्सा लेकर बदलाव का स्पष्ट संदेश दिया है।

निवेश, सुशासन और महिला सशक्तिकरण

प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए श्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति (2024-30) के लागू होने के बाद राज्य को ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। अब छत्तीसगढ़ एआई डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और ग्लोबल बीपीओ जैसे आधुनिक क्षेत्रों में कदम रख रहा है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य ने लक्ष्य से आगे बढ़ते हुए 10.42 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया है, और अब 14 लाख अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने 2027 में रायपुर में होने वाले ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री श्री मोदी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण के अनुरूप ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का निर्माण तेजी से हो रहा है, और बस्तर सहित पूरे राज्य की इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को केंद्र का पूरा सहयोग मिलेगा।

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