तीन साल बाद दिल्ली के प्रगति मैदान में फिर से किताबों और पुस्तक प्रेमियों का अनूठा संसार देखने को मिला. किताबों की दुनिया में पहले ही दिन पुस्तक प्रेमियों की अच्छी खासी भीड़ दिखाई दी, खासकर बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला. हालांकि, पहला दिन होने के चलते कुछ अव्यवस्थाएं भी दिखाई दीं. मसलन, पंडाल में बत्ती का गुल हो जाना, स्टॉल संख्या या अन्य संसाधनों के बारे में किसी को कोई ठोस जानकारी नहीं होने से लोग इधर से उधर भटकते दिखाई दिए.

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