रायपुर। आयकर विभाग के सर्वे में श्री नारायणा अस्पताल के संचालक डॉ. सुनील खेमका पर 45 करोड़ रुपये की कर चोरी का खुलासा हुआ है। जांच के दौरान डॉ. खेमका ने स्वीकार किया कि नकद प्राप्तियों को छुपाया गया और खर्चों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया ताकि कर देयता को कम किया जा सके। बता दें कि यह छत्तीसगढ़ में पिछले पांच वर्षों में सबसे बड़ी कर चोरी का मामला बताया जा रहा है।

इस कार्रवाई का नेतृत्व मुख्य आयकर आयुक्त (CCIT) अपर्णा करन और प्रधान आयकर आयुक्त (PCIT) प्रदीप हेडाऊ के निर्देशन में किया गया। संयुक्त आयुक्त बीरेंद्र कुमार और उप आयुक्त राहुल मिश्रा के नेतृत्व में 26 सदस्यीय टीम ने 48 घंटे तक अस्पताल के वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच की।

एक वरिष्ठ आयकर अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि डॉ. सुनील खेमका ने पूछताछ के दौरान कर गड़बड़ी स्वीकार की। आयकर विभाग ने उन्हें तत्काल 11 करोड़ रुपये का अग्रिम कर जमा करने के निर्देश दिए हैं, जबकि शेष राशि पर ब्याज और अतिरिक्त दंड की गणना कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *