आपने इस्मत चुगताई की कहानी ‘लिहाफ’ जरूर पढ़ी होगी जो दो स्त्रियों के समलैंगिक सम्बन्धों पर आधारित है. लेकिन क्या आपको पता है कि हिंदी का पहला लेस्बियन उपन्यास कब लिखा गया था और किसने लिखा था? इस उपन्यास पर ‘स्त्री दर्पण’ और ‘राजेंद्र प्रसाद अकेडमी’ ने एक चर्चा आयोजित की. हिंदी साहित्य में स्त्री यौनिकता पर कब बहस होगी, इस बारे में हिंदी के वरिष्ठ कवि पत्रकार विमल कुमार की एक टिप्पणी प्रस्तुत की जा रही है-

By

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *