जशपुर में CM विष्णुदेव साय का बड़ा कार्यक्रम! किसानों के लिए जैविक खेती पर होंगे अहम ऐलान
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 20 जून को जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में आयोजित जैविक खेती कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।…
₹266 में यूरिया! डॉ. रमन सिंह ने खोला बड़ा राज, किसानों से की जैविक खेती अपनाने की अपील
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज राजनांदगांव जिला के कृषि विज्ञान केन्द्र, सुरगी में आयोजित जैविक कृषि कार्यशाला सह कृषक सम्मेलन में शामिल हुए। इस अवसर पर उनका खुमरी पहनाकर…
खेत हो रहे हैं बर्बाद! वैज्ञानिकों ने किसानों को बताया मिट्टी बचाने का सबसे असरदार तरीका
आईसीए आर– राष्ट्रीय जैविक स्ट्रैस प्रबंधन संस्थान, रायपुर द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने एवं मृदा स्वास्थ्य में सुधार के उद्देश्य से एक…
‘खेत बचाओ अभियान’ में बड़ा संदेश! रासायनिक खेती छोड़ें, जैविक खेती अपनाएं – मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल
जैविक खेती मिशन योजना के अंतर्गत “खेत बचाओ अभियान” के तहत मनेंद्रगढ़ ने एक दिवसीय जिला स्तरीय जागरूकता एवं कृषक सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में जिले भर से…
Middle East संकट का असर! छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के लिए बनाया बड़ा Fertilizer Plan
पश्चिम एशिया में तनाव के कारण आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार…
15 हजार से शुरू हुआ सफर! आज सीमा साहू बन गईं आत्मनिर्भर महिला की मिसाल
अक्सर कहा जाता है कि छोटी-छोटी बचत बड़े सपनों को साकार करने की ताकत रखती है। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सिंघोला की श्रीमती सीमा साहू ने इस कहावत को अपने…
खरीफ सीजन से पहले किसानों को बड़ी राहत! खाद-बीज का भारी स्टॉक तैयार, प्रशासन अलर्ट
आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए व्यापक तैयारियां सुनिश्चित की गई…
धान छोड़ गेंदा फूल की खेती से किसान बना लाखपति! महासमुंद के गितेश्वर की सफलता ने सबको चौंकाया
कभी पारंपरिक धान की खेती में सीमित आय और बढ़ती लागत से जूझने वाले महासमुंद जिले के किसान गितेश्वर टण्डन आज अपनी मेहनत, नई सोच और आधुनिक खेती के दम…
धान किसानों के लिए खुशखबरी! बिना यूरिया 15% तक बढ़ेगी पैदावार, जानिए नया फॉर्मूला
कृषि लागत कम करने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने की दिशा में नील-हरित शैवाल (ब्लू-ग्रीन एल्गी/सायनोबैक्टीरिया) किसानों के लिए एक प्रभावी विकल्प बनकर उभर रहा है। कृषि विज्ञान केन्द्र,…