रायपुर। नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में उच्च शिक्षा विभाग की प्रदर्शनी युवाओं, विद्यार्थियों और अभिभावकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों ने अपने स्टॉल लगाए हैं, जहां आधुनिक शिक्षा, डिजिटल तकनीक, नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी जा रही है। राज्योत्सव में पहुंच रहे युवा उत्साह के साथ इन स्टॉलों का अवलोकन कर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों और भविष्य की संभावनाओं को समझ रहे हैं।
प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर विभिन्न विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम, शैक्षणिक गतिविधियों, तकनीकी सुविधाओं और करियर से जुड़े विकल्पों की जानकारी मिल रही है। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले युवाओं के लिए यह प्रदर्शनी उच्च शिक्षा के बेहतर विकल्पों को जानने का अवसर बन रही है। प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे अभिषेक कुमार साहू और डॉ. एस.आर. कमलेश ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों और शासन की शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर मिलना विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है। वहीं विनोद कुमार, तुषार, आराध्या, नीरज कुमार, रिया, महेंद्र, विशाल, शिवम, हर्ष, पवित्र, उमाकांत, सुमन अग्रवाल, कुणाल, संजय और राजकुमार सहित बड़ी संख्या में युवाओं ने विभिन्न स्टॉलों में रुचि दिखाई।
उच्च शिक्षा विभाग की प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा), सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) और डिजिलॉकर जैसी योजनाएं एवं डिजिटल सुविधाएं विशेष आकर्षण बनी हुई हैं। पीएम-उषा के माध्यम से उच्च शिक्षा संस्थानों की अधोसंरचना और शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के जरिए शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट विद्यार्थियों के शैक्षणिक क्रेडिट के डिजिटल प्रबंधन और डिजिलॉकर शैक्षणिक दस्तावेजों को सुरक्षित रखने एवं जरूरत के समय उपलब्ध कराने की सुविधा प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा के मार्गदर्शन में प्रदेश के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। नवीन शासकीय महाविद्यालयों की स्थापना, अधोसंरचना विकास और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से विद्यार्थियों को घर के नजदीक उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। घर के समीप कॉलेज की सुविधा मिलने से समय और आर्थिक संसाधनों की बचत के साथ पढ़ाई जारी रखने में भी मदद मिलेगी।
उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारोन्मुखी उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है। शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की आधारशिला है। बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप उच्च शिक्षा को नई तकनीक, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कमी नहीं है। सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान रूप से बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं, उचित मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के अवसर मिलें।
राज्योत्सव में प्रदर्शनी देखने पहुंचे युवाओं ने डिजिटल शिक्षा के विस्तार और विश्वविद्यालयों की गतिविधियों से परिचित कराने की पहल की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस तरह की प्रदर्शनियां विद्यार्थियों को नई जानकारी देने के साथ उच्च शिक्षा और करियर के विकल्पों के प्रति जागरूक बनाती हैं। उच्च शिक्षा विभाग की यह प्रदर्शनी ज्ञान, नवाचार और आधुनिक तकनीक के माध्यम से युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है।