रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्योत्सव 2026 का आयोजन 2 नवंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में किया जाएगा। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने जिला स्तरीय कार्यक्रमों के लिए मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी है। 27 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार विभिन्न जिलों में मंत्री, सांसद और विधायक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस वर्ष राज्योत्सव की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रखी गई है।
जारी आदेश के अनुसार, जांजगीर-चांपा में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, बिलासपुर में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और दुर्ग में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि होंगे। सरगुजा में रामविचार नेताम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में दयालदास बघेल, कांकेर में केदार कश्यप, कोरबा में लखन लाल देवांगन, जशपुर में श्याम बिहारी जायसवाल, रायगढ़ में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, सूरजपुर में लक्ष्मी राजवाड़े, गरियाबंद में टंकराम वर्मा और राजनांदगांव में गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
इसी तरह कोरिया में विधायक भैयालाल राजवाड़े और बीजापुर में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब मुख्य अतिथि होंगे। बलौदाबाजार-भाटापारा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा में विजय बघेल, कबीरधाम में संतोष पाण्डेय, बलरामपुर-रामानुजगंज में चिंतामणि महाराज, महासमुंद में रूपकुमारी चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में राधेश्याम राठिया, सक्ती में कमलेश जांगड़े, दंतेवाड़ा में महेश कश्यप, बालोद में भोजराज नाग, सुकमा में देवेन्द्र प्रताप सिंह और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में लक्ष्मी वर्मा मुख्य अतिथि होंगी।
अन्य जिलों में मुंगेली में विधायक पुन्नूलाल मोहले, धमतरी में अजय चन्द्राकर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में रेणुका सिंह, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में अमर अग्रवाल, कोंडागांव में लता उसेंडी, नारायणपुर में विक्रम उसेंडी और बस्तर में किरण देव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रमों के दौरान स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। साथ ही, शासन की कल्याणकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा।
राज्योत्सव के दौरान सभी जिला मुख्यालयों में विभिन्न विकास विभागों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इनमें सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों, विभागीय उपलब्धियों और सफल परियोजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। कार्यक्रम स्थलों को ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ की थीम के अनुरूप सजाया जाएगा। शासन ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शालीनता और गरिमा बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं।
राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक सभी जिला मुख्यालयों में स्थित शासकीय भवनों को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभाग अपने बजट से आवश्यक व्यवस्थाएं करेंगे। राज्य शासन ने सभी कलेक्टरों को मुख्य अतिथियों के परामर्श से कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने, जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और आयोजन से जुड़ी सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।